भोपाल (गौरव चतुर्वेदी)। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के आला राष्ट्रीय पदाधिकारियों को अपने वजनदार होने का अहसास कराने वाले आईएएस अधिकारी इकबाल सिंह बैस का अब मध्यप्रदेश से मोहभंग हो गया है। अब वो प्रतिनियुक्ति पर केन्द्र सरकार को सेवाएं देना चाहते हैं और शीघ्र ही इसके लिए कार्रवाई करने वाले हैं।
श्री बैस कुछ समय पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के प्रमुख सचिव हुआ करते थे। इस दौरान प्रशासनिक गलियारों में श्री बैस की इजाजत के बिना पत्ता तक नहीं हिलता था। वजह इकबाल का शिवराज का सबसे प्रिय होना था।
खंडवा असिस्टेंट कलेक्टर के तौर पर मध्यप्रदेश में अपनी प्रशासनिक सेवा की शुरूआत करने वाले बैस 1985 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। 27 साल के प्रशासनिक कैरियर में उनका स्वर्णिम समय दिसंबर 2005 से लेकर जून 2009 तक रहा। सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय और फिर प्रमुख सचिव रहने के दौरान एक भी आदेश बैस की इजाजत के बिना अमल में नहीं लाया जा सकता था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सबसे विश्वस्त बैस को तत्कालीन सचिव राकेश साहनी का भी भरपूर साथ मिला। इसी दौरान मध्यप्रदेश के मंत्रालय में पंजाबी अफसरों की लॉबी ने जमकर अपना सिक्का चलाया।
इस दौरान भाजपा और संघ के कई आला पदाधिकारियों ने बैस को सीएम से सेक्रटियेट से हटाने का दबाव बनाया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। मुख्यसचिव अवनि वैश्य के आने के बाद भी काफी लंबे समय तक बैस का विवादों से नाता नहीं टूटा, जिसके कारण सीएम ने बैस को प्रमुख सचिव के पद से हटा दिया। इन दिनों बैस प्रमुख सचिव आवास पर्यावरण हैं और उनकी विभागीय मंत्री जयंत मलैया से पटरी नहीं बैठ रही है। प्रदेश के हालात में भी परिवर्तन आ रहे हैं जिसके कारण बैस असहज महसूस कर रहे हैं। इन दिनों बैस भारत सरकार में प्रतिनियुक्ति पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार बैस शीघ्र ही अपना आवेदन केंद्र सरकार को सौंप सकते हैं।