महाकुंभ में आए 10 हजार से ज्यादा अध्यापक, हड़ताल नहीं होगी

shailendra gupta
भोपाल। अध्यापक-संविदा शिक्षक संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित अध्यापक महाकुंभ में आज राजधानी में 10 हजार से ज्यादा कर्मचारियों का हुजूम देखा गया। सरकार द्वारा बातचीत के प्रस्ताव के चलते महाकुंभ के बाद हड़ताल का निर्णय टाल दिया गया एवं शाम को सभी अध्यापक वापस रवाना हो जाएंगे, लेकिन चेतावनी दी गई यदि हमारी मांगे नहीं मानी गईं तो हम न तो परीक्षाओं में भाग लेंगे और न ही मूल्यांकन में। छत्तीसगढ़ की तरह स्कूलों में तालाबंदी पर महाकुंभ में सहमति नहीं बनी। अतिथि शिक्षकों ने भी मोर्चा का विरोध किया।

अध्यापक-संविदा शिक्षक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष मुरलीधर पाटीदार ने रविवार को यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क में आयोजित अध्यापक-संविदा शिक्षकों के महाकुंभ को संबोधित करते हुए कहा कि यदि सरकार ने हमारी मांगें नहीं मानी तो हम प्रशासनिक कामों में सरकार का विरोध करेंगे एवं परीक्षा व मूल्यांकन जैसे कामों में भाग नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि स्कूलों में तालाबंदी करके विरोध करने के बजाए इस तरह से विरोध करना उचित होगा।

मोर्चा की योजना थी कि महाकुंभ में सदन को संबोधित करने के बाद रैली निकाली जाएगी, परंतु यह रैली भी नहीं निकाली गई। सरकार के नरम रवैये के चलते आंदोलन की घोषणा नहीं की गई एवं फिलहाल इंतजार करने का निर्णय लिया गया।

इस दौरान अतिथि शिक्षकों की समस्याओं और मांगों पर चर्चा नहीं करने के कारण उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। अतिथि शिक्षक अपनी मांगों को जोड़ने के लिए मंच के पास तक पहुंचे और मोर्चा के अध्यक्ष को प्रेशर किया कि वो उनकी बात भी करें परंतु मोर्चा ने अतिथि शिक्षकों के लिए कोई बात नहीं की।

मोर्चा के पदाधिकारी उपेंद्र कौशल व जितेंद्र शाक्य ने कहा कि हम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उस घोषणा से संतुष्ट नहीं हैं, जिसमें उन्होंने 2300 से 3 हजार 500 रुपए तक अध्यापकों के विभिन्न संवर्ग की तनख्वाह बढ़ाने की बात कही है। गुना से आई महिला इकाई की अध्यक्ष ममता दुबे और भोपाल की दीप्ति शर्मा ने कहा कि हम समान कार्य व वेतन की मांग पूरी हुए बगैर अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।

इस दौरान यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क के सामने अध्यापकों के आवागमन के कारण कई बार जाम लगता भी देखा गया। हालांकि रविवार होने के कारण वाहन कम चल रहे थे पर सामने ही स्थित सुलतानिया व इंदिरा गांधी अस्पतालों में आने-जाने वालों खासी समस्या का सामना करना पड़ा।

इस महाकुंभ में शामिल होने विभिन्न जिलों से आए अध्यापक, संविदा शिक्षक, अतिथि शिक्षक देर शाम वापस लौट जाएंगे। इनके नेतागण शाम को आगे की रणनीति का खुलासा करेंगे।

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