भोपाल, 3 नवम्बर 2026: मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में एक नई परंपरा शुरू हो रही है। शिक्षकों के संरक्षण में स्कूल परिसर में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। ऐजेंडा बिल्कुल क्लीयर समझ में आता है। अब बड़वानी में एक छात्रावास की सस्पेंडेड महिला अधीक्षक ने अपने समर्थन में प्रदर्शन करवाया और फिर मीडिया के माध्यम से प्रशासन पर प्रैशर क्रिएट किए जा रहे हैं।
कन्या शिक्षा परिषद माता शबरी विद्यालय बड़वानी का मामला
बड़वानी जिले के कन्या शिक्षा परिषद माता शबरी विद्यालय की छात्राओं ने अधीक्षिका सारिस बडोले के निलंबन और छात्रावास में कर्मचारियों की कमी के विरोध में प्रदर्शन किया। छात्राओं ने कलेक्टर से अधीक्षिका का निलंबन निरस्त करने और स्वीकृत 29 पदों के अनुसार कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग करते हुए पैदल मार्च निकाला। अधीक्षिका के मुताबिक, विद्यालय में 476 छात्राओं के लिए फिलहाल 8 कर्मचारी उपलब्ध हैं।
सारिस बडोले के समर्थन में प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान छात्रा निधि राधेश्याम जमरे ने कहा कि सारिस बडोले मैडम, छात्रावास में साफ-सफाई का ध्यान रखती थीं। वाटर कूलर खराब होने पर उसे ठीक करवाती थीं और रात में किसी छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर अपने खर्च से उसे अस्पताल ले जाती थीं। छात्रा ने कहा कि सारिस बडोले मैडम का निलंबन को निरस्त किया जाए और छात्रावास में सभी 29 कर्मचारियों की व्यवस्था की जाए।
एक अन्य छात्रा निधि ने कहा, छात्रावास में पहले छात्राओं को खुद वॉशरूम साफ करने पड़ते थे, लेकिन सारिस बडोले मैडम के आने के बाद सफाई की व्यवस्था बेहतर हुई। उन्होंने बताया कि छात्रावास में एंबुलेंस, नर्स और डॉक्टर की सुविधा भी नहीं है। सड़क की समस्या को लेकर भी कई बार अधिकारियों से मांग की गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। छात्रा भूमिका पन्नालाल मंडलोई ने कहा कि सारिस बडोले मैडम को बिना उचित कारण निलंबित किया गया है। उनके मुताबिक, छात्रावास की छत लंबे समय से टपक रही है।
सारिस बडोले का स्पष्टीकरण
छात्रावास अधीक्षक के पद पर पदस्थ सारिस बडोले ने बताया कि डीसी कार्यालय इंदौर से आए निरीक्षण दल ने छात्रावास का निरीक्षण किया था। उस समय वे दो दिन की ट्रेनिंग के लिए भोपाल गई हुई थीं। उनके अनुसार, उन्होंने जिन कर्मचारी को प्रभार दिया था, वे परेड के लिए चली गईं और चौकीदार से सफाई नहीं हो पाई। बडोले ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कुछ जगह गंदगी और परिसर में चिड़िया के दो-तीन घोंसले मिले थे। उन्होंने कहा कि इसी निरीक्षण के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया।
अधीक्षिका के मुताबिक, विद्यालय में 476 छात्राएं हैं, जबकि स्वीकृत 29 पदों के मुकाबले केवल 8 कर्मचारी उपलब्ध हैं। उन्होंने इस कमी की जानकारी विभाग को लिखित में भी दी है। उन्होंने यह भी बताया कि नए भवन की छत टपक रही है और उसकी मरम्मत पर करीब 10 लाख रुपए खर्च होंगे।

