भोपाल, 3 नवम्बर 2026: मध्यप्रदेश के बैतूल में रानीपुर मार्ग पर पुल के पास एक हिट एंड रन मामले में पटवारी की मौत हो गई। एक कार ने टक्कर मारी और फरार हो गई। यह स्पष्ट तौर पर हिट एंड रन का मामला है, लेकिन कुछ पटवारियों ने इस मामले को अपने फायदे क लिए पॉलिटिकल रंग देना शुरू कर दिया है। श्रृद्धांजलि के बहाने शव को रखकर कलेक्टर पर प्रेशर क्रिएट करने का प्रयास किया।
बैतूल-रानीपुर मार्ग पर पुल के पास एक्सीडेंट
घोड़ाडोंगरी तहसील के चोपना सर्किल में पदस्थ कमलेश धुर्वे (30) सोमवार रात अपने हल्का क्षेत्र से बैतूल लौट रहे थे। बैतूल-रानीपुर मार्ग पर पुल के पास एक कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी थी। सूचना मिलने पर रानीपुर पुलिस मौके पर पहुंची। उनकी पहचान नहीं हो पाने पर पुलिस ने मोबाइल में सबसे पहले डायल किए गए नंबर पर कॉल किया। फोन प्रकाश पटवारी ने उठाया और उनके जरिए कमलेश की पहचान हुई। पुलिस उन्हें जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, अधिक खून बहने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। यदि कारवाला एक्सीडेंट के तत्काल बाद पुलिस को सूचित कर देता तो शायद पटवारी कमलेश धुर्वे जिंदा होते। यह स्पष्ट तौर पर हिट एंड रन का मामला है, जिसमें 10 साल जेल का प्रावधान है।
कमलेश मूल रूप से बरसाली गांव के निवासी थे। उनकी उम्र 30 साल थी और शादी को करीब ढाई साल हुए थे। परिवार में पत्नी है। उनकी पत्नी शिक्षिका हैं। कमलेश की मौत से परिवार के साथ राजस्व विभाग के कर्मचारियों में भी शोक है।
पटवारी संघ, शव को लेकर पॉलिटिक्स करने लगा
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद पटवारी साथी उनका शव लेकर अंबेडकर चौक पहुंचे। यहां श्रद्धांजलि देने के बाद पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष मोहनलाल धुर्वे ने प्रशासन से मांग की कि पटवारियों पर अनावश्यक काम का दबाव न बनाया जाए। उनसे रात में ड्यूटी भी न कराई जाए।संघ ने चेतावनी दी कि यदि पटवारियों पर इसी तरह काम का दबाव बनाया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

