भोपाल, 3 नवम्बर 2026: एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले 11वीं के छात्र ने अपनी छोटी-सी पहल को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला दी है। गौरैया को बचाने के लिए शुरू किया गया उसका प्रयास अब श्रीलंका के 50 हजार विद्यार्थियों के सामने उदाहरण के तौर पर पेश किया जाएगा। श्रीलंका में आयोजित स्टेप ग्लोबल समिट-2026 में प्रसन्न शर्मा ने अपने शोध की मौखिक प्रस्तुति दी और 80 शोध प्रस्तुतियों में शीर्ष तीन में जगह बनाकर तीसरा स्थान हासिल किया।
फ्रॉम क्लासरूम टू कम्युनिटी अर्बन कंजर्वेशन ऑफ स्पैरोज थ्रू प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग
भोपाल के प्रसन्न शर्मा सम्मेलन में सबसे कम उम्र के प्रतिभागी थे। खास बात यह है कि प्रसन्न शर्मा ने यह उपलब्धि किसी बड़े संस्थान में नहीं, बल्कि भोपाल के शासकीय संदीपनी महात्मा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ते हुए हासिल की है। कोलंबो की होराइजन यूनिवर्सिटी में आयोजित सम्मेलन में प्रसन्न ने फ्रॉम क्लासरूम टू कम्युनिटी अर्बन कंजर्वेशन ऑफ स्पैरोज थ्रू प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग विषय पर शोध प्रस्तुत किया।
इसमें उन्होंने बताया कि किस तरह स्कूली पढ़ाई को सामुदायिक भागीदारी से जोड़कर शहरों में गौरैया संरक्षण का प्रभावी मॉडल तैयार किया जा सकता है। उनकी प्रस्तुति को निर्णायक मंडल ने शीर्ष तीन में शामिल किया और बेस्ट ओरल प्रेजेंटेशन अवॉर्ड से सम्मानित किया।

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