मध्य प्रदेश: मोहन सरकार ने 16 लाख निर्धन नागरिकों को फ्री प्लाट मकान की रजिस्ट्री की

Updesh Awasthee
भोपाल, 4 नवंबर 2026:
भारत के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है जब कोई सरकार निर्धन नागरिकों को रहने के लिए फ्री में दिए गए प्लाट अथवा मकान की रजिस्ट्री भी कर रही है। रजिस्ट्री की फीस भी सरकार के द्वारा भरी जा रही है। अब तक 16 लाख रजिस्ट्री की जा चुकी है और 50 लाख का टारगेट है। अब तक की सरकारों ने लोगों को फ्री में प्लॉट या मकान दिए तो थे लेकिन रजिस्ट्री नहीं की थी। मतलब सरकार जब चाहे तब वापस ले सकती थी। स्वामित्व योजना के कारण लोगों को प्रॉपर्टी का अधिकार मिल रहा है। 

पट्टेदार नहीं प्रॉपर्टी के मालिक

मध्य प्रदेश शासन की ओर से प्राप्त हुई आधिकारिक जानकारी में बताया गया है कि, दिनांक 4 नवंबर को हुई क्लोजिंग के अनुसार मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना के अंतर्गत 15 लाख 98 हजार 46 लोगों के नाम प्रॉपर्टी की फ्री रजिस्ट्री की जा चुकी है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि, अब इन सभी लोगों को, समाज और सरकार में वह सभी सम्मान और लाभ मिल सकेगा, जो एक संपत्ति के मालिक को मिलता है। अब यह सभी लोग प्रॉपर्टी के मालिक हैं इसके आधार पर बैंक लोन भी मिल सकता है और कई प्रकार की वित्तीय सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा। अब इनमें से किसी को भी इस बात का डर नहीं लगेगा कि सरकार कभी भी इसे इनका घर छीन सकती है, इनका पट्टा रद्द कर सकती है। 

मोहन सरकार ने पंजीयन एवं सत्यापन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए ‘सारा’ ऐप और ‘संपदा 2.0’ जैसी डिजिटल तकनीकों का उपयोग किया है। इनके माध्यम से संपत्ति संबंधी अभिलेखों का संधारण, मौके पर सत्यापन एवं पंजीयन की प्रक्रिया सुव्यवस्थित हुई है। इससे ग्रामीणों को संपत्ति संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने के साथ भूमि संबंधी विवादों में कमी लाने में भी मदद मिल रही है।

मध्य प्रदेश स्वामित्व योजना का प्रगति प्रतिवेदन: 4 नवंबर 2026 तक

प्रदेश के सभी 55 जिलों में स्वामित्व योजना के अंतर्गत रजिस्ट्रियों के पंजीयन का कार्य निरंतर जारी है। छिंदवाड़ा जिले में सर्वाधिक 74 हजार 002 रजिस्ट्रियां पूर्ण की गई हैं। राजगढ़ में 64 हजार 880, उज्जैन में 62 हजार 244, सागर में 56 हजार 143, सिवनी में 55 हजार 910, छतरपुर में 55 हजार 381, जबलपुर में 54 हजार 573, बालाघाट में 53 हजार 228 और शिवपुरी में 51 हजार 855 रजिस्ट्रियां पूर्ण हुई हैं।

इसी प्रकार नरसिंहपुर में 49 हजार 896, मंदसौर में 49 हजार 552, रायसेन में 45 हजार 333, धार में 45 हजार 311, विदिशा में 44 हजार 025, बैतूल में 42 हजार 743, नीमच में 41 हजार 839, सीहोर में 39 हजार 713, खंडवा में 38 हजार 418, खरगोन में 36 हजार 275, कटनी में 35 हजार 659, शाजापुर में 34 हजार 316, देवास में 33 हजार 001, नर्मदापुरम में 31 हजार 682, इंदौर में 30 हजार 141, मंडला में 29 हजार 504, दमोह में 28 हजार 181, सतना में 25 हजार 987 और गुना में 25 हजार 588 रजिस्ट्रियां पूर्ण की गई हैं।

इसके साथ ही बड़वानी में 24 हजार 881, भिंड में 24 हजार 340, रतलाम में 23 हजार 736, पन्ना में 21 हजार 178, बुरहानपुर में 21 हजार 150, मुरैना में 20 हजार 947, हरदा में 20 हजार 185, डिंडोरी में 19 हजार 920, ग्वालियर में 19 हजार 623, अशोकनगर में 19 हजार 290, रीवा में 19 हजार 220, आगर-मालवा में 17 हजार 651, टीकमगढ़ में 16 हजार 960, दतिया में 15 हजार 242, श्योपुर में 14 हजार 381, भोपाल में 10 हजार 887 और निवाड़ी में 10 हजार 024 रजिस्ट्रियां पूर्ण की गई हैं।

प्रदेश के अन्य जिलों में भी पंजीयन की प्रक्रिया निरंतर जारी है। पांढुर्णा में 9 हजार 416, मैहर में 9 हजार 100, झाबुआ में 8 हजार 629, सीधी में 4 हजार 041, सिंगरौली में 2 हजार 588, आलीराजपुर में 2 हजार 253, शहडोल में 2 हजार 073, उमरिया में 1 हजार 983, अनूपपुर में 1 हजार 703 और मऊगंज में 1 हजार 265 रजिस्ट्रियां पूर्ण की जा चुकी हैं। राजस्व विभाग द्वारा शेष पात्र हितग्राहियों को भी निर्धारित समय-सीमा में अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराने की कार्यवाही निरंतर की जा रही है। रिपोर्ट: आलोक शर्मा।

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