भोपाल, 4 नवंबर 2026: भोपाल शहर के करोड़पति कारोबारी और व्यापम घोटाले से लेकर ठेकेदारी में गड़बड़ी के मामले में सुर्खियों में रहे, श्री लक्ष्मी नारायण मालवीय एक बार फिर हेडलाइंस में है। इस बार उन्होंने एक दलित महिला के पति और पिता के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज करवाया है। बागसेवनिया पुलिस थाने में मामला दर्ज हुआ है। श्री मालवीय ने दावा किया है कि, महिला अपनी मर्जी से और अपने पति की जानकारी में, उनके पास फिजिकल रिलेशन के लिए आई थी।
महिला खुद आई थी, पति को भी जानकारी थी
श्री मालवीय ने भोपाल पुलिस कमिश्नर श्री संजय कुमार से मुलाकात की थी। मामला दर्ज करने से पहले असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर श्री उमराव सिंह ने जांच की थी और निष्कर्ष निकला कि मामला दर्ज किए जाने योग्य है। इस निष्कर्ष के आधार पर बाग सेवनिया पुलिस थाने में महिला के पति श्री रामकुमार धाकड़ और पिता श्री राम कृष्ण देवड़ा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। लिखित शिकायत में श्री मालवीय ने बताया है कि, महिला उनकी कंपनी LN Infra में नौकरी करती थी। महिला विवाहित है और स्वयं अपनी इच्छा से, उनके साथ फिजिकल रिलेशन बनाने के लिए उनके पास आई थी। इस बात की जानकारी उनके पति को भी थी। जब फिजिकल रिलेशन बन गए तो महिला ने एमपी नगर पुलिस थाने में उनके खिलाफ बलात्कार एवं जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने का मामला दर्ज करवाने हेतु शिकायत कर दी।
पहले 5 लाख और फिर 25 लाख दिए
श्री मालवीय ने पुलिस को डॉक्युमेंट्री एविडेंस के साथ बताया कि, महिला ने कंपनी से 5 लाख रुपए का लोन लिया था। इस शिकायत को वापस लेने के बदले में 5 लाख रुपए का लोन माफ कर दिया गया। इसके बाद एक बार फिर महिला ने उनके खिलाफ शिकायत कर दी। तब 25 लाख रुपए में है शिकायत वापस लेने पर दोनों पक्ष में सहमति बनी। महिला के पति और पिता, दोनों के साथ उनके फ्लैट में मीटिंग हुई और एक लिखित दस्तावेज तैयार किया गया, जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा है कि, महिला एवं उनके बीच जो शारीरिक संबंध बने हैं वह आपसी सहमति से बने थे, पति एवं पिता को कोई आपत्ति नहीं है। यह भी लिखा है कि वह आज के बाद कभी कोई शिकायत नहीं करेंगे।
अब डेढ़ करोड़ मांग रहे हैं
श्री मालवीय का कहना है कि, इसके बाद इस बार फिर उन्होंने ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। डेढ़ करोड़ रुपए की मांग कर रहे हैं। भोपाल पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 173(3) के तहत मामला दर्ज करने से पहले, प्राथमिक जांच की ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं कोई झूठी, फर्जी शिकायत तो नहीं है। शिकायत का सत्यापन हो जाने के बाद, प्राथमिक तौर पर मामला दर्ज करने योग्य पाए जाने पर 2 नवंबर की रात में प्रथम सूचना प्रतिवेदन रजिस्टर में मामला दर्ज किया गया। दिनांक 3 नवंबर को महिला, उसके पति एवं उसके पिता को गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने तीनों को जेल भेज दिया है।

