नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 2026: देश के करोड़ों छोटे और मझोले कारोबारियों के साथ सरकारी संवाद को अधिक सहज, पारदर्शी और मातृभाषा के अनुकूल बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
केंद्रीय मंत्रियों का संकल्प: फाइलों पर हिंदी में लिखी जाएंगी टिप्पणियां
बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय एमएसएमई राज्य मंत्री और समिति की उपाध्यक्ष सुश्री शोभा करांदलाजे ने देश भर में हिंदी के प्रचार-प्रसार और दैनिक सरकारी कार्यों में इसके अधिकाधिक उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने में भारतीय भाषाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वहीं, बैठक की अध्यक्षता कर रहे केंद्रीय एमएसएमई मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने सरकारी कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता व्यक्त की। किसी भी बदलाव की शुरुआत शीर्ष नेतृत्व से होती है, इसी सिद्धांत को चरितार्थ करते हुए श्री मांझी ने स्वयं सरकारी फाइलों पर हिंदी में टिप्पणियां (फाइल नोटिंग्स) लिखने का संकल्प लिया। जब मंत्रालय के सर्वोच्च स्तर पर फाइलों में टिप्पणियां हिंदी में लिखी जाती हैं, तो पूरे प्रशासनिक तंत्र में यह स्पष्ट संदेश जाता है कि राजभाषा में कार्य करना न केवल स्वीकार्य है, बल्कि इसे सर्वोच्च प्राथमिकता भी प्राप्त है।
आसान शब्दों में समझें: सरकारी कामकाज में सरल भाषा का महत्व
अक्सर देखा जाता है कि जब कोई नागरिक किसी बैंक या सरकारी दफ्तर में ऋण या पंजीकरण के लिए जाता है, तो वहां के आवेदन पत्र और नियम पुस्तिकाएं या तो अंग्रेजी में होती हैं या फिर इतनी क्लिष्ट और मशीनी अनुवाद वाली हिंदी में होती हैं कि उन्हें समझना किसी पहेली को सुलझाने जैसा लगता है। उदाहरण के लिए, इसे ऐसे समझें जैसे किसी मरीज को डॉक्टर बीमारी का नाम और दवाई लेने का तरीका अत्यंत कठिन मेडिकल शब्दावली में लिखकर दे दे, जिसे पढ़कर मरीज यह न समझ पाए कि दवा सुबह लेनी है या शाम को। लेकिन यदि वही डॉक्टर सरल बोलचाल की भाषा में लिख दे कि 'बुखार आने पर यह टैबलेट गुनगुने पानी के साथ गटक जाएं। तो मरीज बिना किसी की मदद के अपना इलाज सही ढंग से कर सकता है।
ठीक इसी तरह, हिंदी सलाहकार समिति की इस बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया है कि सरकारी दस्तावेजों को केवल औपचारिक अनुवाद के रूप में न रखा जाए, बल्कि उन्हें ऐसी सरल, सहज और स्वाभाविक हिंदी में तैयार किया जाए जिसे एक साधारण कारीगर, बुनकर या छोटा दुकानदार पढ़ते ही समझ सके।
पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की उच्चस्तरीय बैठक नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित की गई। 28 अक्टूबर, 2026 को संपन्न हुई इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय एमएसएमई मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने की, जबकि केंद्रीय एमएसएमई राज्य मंत्री सुश्री शोभा करांदलाजे समिति की उपाध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर मंत्रालय के सचिव श्री भरत खेड़ा सहित समिति के अन्य गणमान्य सदस्यों ने भी सक्रिय भागीदारी की।
