MP BOARD: अब भोपाल के चक्कर काटने की झंझट खत्म, 1 नवंबर से संभाग स्तर पर ही छपेंगी संशोधित अंकसूचियां

Updesh Awasthee
भोपाल | 28 अक्टूबर 2026
: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल (माशिमं) ने बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड की अंकसूची या प्रमाण-पत्र में नाम, जन्मतिथि या किसी भी प्रकार के संशोधन के बाद नई अंकसूची हासिल करने के लिए अब छात्रों को भोपाल मुख्यालय के चक्कर काटने और लंबा इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। माशिमं के नए स्थायी आदेश के मुताबिक, 1 नवंबर 2026 से संशोधित अंकसूचियों की छपाई (प्रिंटिंग) का काम अब मण्डल के संभागीय कार्यालयों (Divisional Offices) से ही किया जाएगा। 

क्या थी पुरानी व्यवस्था और क्यों आती थी परेशानी?

अब तक की व्यवस्था के अनुसार, जब भी कोई छात्र अंकसूची में संशोधन या सुधार के लिए एमपी ऑनलाइन (MP Online) के जरिए आवेदन करता था, तो जिले की समन्वयक संस्थाएं (Coordinating Institutions) कागजातों की जांच-परख (गुण-दोष के आधार पर) करके मामले को स्वीकृति देती थीं। इसके बाद प्रकरण को भोपाल स्थित मण्डल मुख्यालय की लॉगिन पर ट्रांसफर कर दिया जाता था।

भोपाल मुख्यालय के अभिलेख कक्ष से ही केन्द्रीकृत (Centralized) रूप से अंकसूचियां छपती थीं और फिर डाक के माध्यम से आवेदकों के पते पर भेजी जाती थीं। इस लंबी प्रक्रिया के कारण छात्रों को महीनों इंतजार करना पड़ता था और दूर-दराज के जिलों में रहने वाले बच्चों व अभिभावकों को कई बार भोपाल तक दौड़ लगानी पड़ती थी। 

माशिमं का नया स्थायी आदेश: अब संभाग स्तर पर होगी छपाई

छात्रों को उनकी संशोधित अंकसूचियां जल्द से जल्द मिल सकें, इस जरूरत को ध्यान में रखते हुए माशिमं के सचिव वृद्धेश कुमार वैद्य ने यह स्थायी आदेश जारी किया है (आदेश क्रमांक: प्रशा./स्था./ए-2/2456/2026, भोपाल, दिनांक 28/10/2026)। आदेश के तहत संशोधित अंकसूची मुद्रित (छपाई) करने का यह अधिकार 1 नवंबर 2026 से मण्डल के संभागीय कार्यालयों को सौंपा जा रहा है। इससे क्षेत्रीय स्तर पर ही अंकसूचियां प्रिंट होकर छात्रों को तेजी से उपलब्ध कराई जा सकेंगी। 

क्या नियम भी बदले हैं?

मण्डल ने स्पष्ट किया है कि 30 अक्टूबर 2017 के आदेश (क्रमांक 1776/2136/2017/20-3) के तहत डुप्लीकेट अंकसूची, प्रमाण-पत्र और संशोधन के लिए तय की गई आवेदन प्रक्रिया व नियम यथावत (पहले जैसे ही) रहेंगे। यानी आवेदन और जांच की प्रक्रिया वही रहेगी, केवल छपाई का स्थान भोपाल मुख्यालय से बदलकर संभागीय कार्यालय किया गया है। 

छात्रों को मिलने वाले मुख्य फायदे:

संभागीय कार्यालयों में छपाई होने से छात्रों को हफ्तों या महीनों तक डाक का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, रीवा या उज्जैन जैसे दूर-दराज के क्षेत्रों के छात्रों को अब अंकसूची के लिए भोपाल के दफ्तरों की दौड़-धूप से मुक्ति मिलेगी। संभागीय स्तर पर काम होने से कागजी कार्रवाई में तेजी आएगी और छात्रों की समस्याओं का निपटारा स्थानीय स्तर पर ही हो सकेगा।


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