मध्य प्रदेश जनजातीय कार्य विभाग: 388 शिक्षकों को मिलेगा नियमित वेतनमान व एरियर का लाभ

Updesh Awasthee
भोपाल | 30 सितंबर 2026:
न्याय के लिए हमेशा हड़ताल और चक्का जाम करने की जरूरत नहीं पड़ती। यदि आपके लीगल राइट का वायलेशन हो गया है तो आप अकेले भी सरकार से अपना हक ले सकते हैं। 388 शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई तो, विभाग में प्रावधान नहीं होने के बावजूद आदेश जारी हुआ और इसके लिए कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई। 

हाई कोर्ट जजमेंट और कैबिनेट मंजूरी के बाद डिपार्टमेंट ने आदेश जारी किया

मध्य प्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग ने वर्ष 1973-74 से वर्ष 1997-98 के दौरान नियुक्त शिक्षकों के लिए नियमित वेतनमान और एरियर के भुगतान का महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। विभाग द्वारा 30 सितंबर 2026 को जारी आदेश के तहत कुल 388 पात्र शिक्षकों को उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि से ही नियमित वेतनमान एवं एरियर राशि का लाभ प्रदान किया जाएगा। यह स्वीकृति 15 सितंबर 2026 को आयोजित राज्य मंत्रिमण्डल (मंत्रि-परिषद) की बैठक (आयटम क्रमांक 12) में लिए गए निर्णय के अनुपालन में दी गई है। 

किन शिक्षकों को मिलेगा लाभ?

आदेश के अनुसार, वर्ष 1973-74 से वर्ष 1997-98 तक निश्चित वेतनमान पर नियुक्त निम्नलिखित श्रेणियों के शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग के 18 अक्टूबर 2017 के आदेश के अनुरूप लाभ दिया जाएगा:
  • तदर्थ शिक्षक, उपशिक्षक, सहायक शिक्षक, प्रशिक्षणार्थी शिक्षक, कनिष्ठ बोर्ड से चयनित शिक्षक तथा ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड योजनांतर्गत नियुक्त शिक्षक (कुल 201 शिक्षक)।
  • सहायक शिक्षक (कुल 187 शिक्षक)।
  • जिन शिक्षकों के न्यायालयीन प्रकरण प्रचलित हैं, इस प्रकार कुल 388 शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान एवं एरियर का लाभ स्वीकृत किया गया है। 

हाई कोर्ट के फैसले पर जारी हुआ आदेश

यह निर्णय माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में दायर याचिका क्रमांक 41999/2024 (टीकाराम गोहे विरुद्ध मध्य प्रदेश शासन) में पारित आदेश और माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर एसएलपी क्रमांक 6892/1993 (मधुकांत यदु विरुद्ध मध्य प्रदेश शासन) में दिए गए फैसले के आलोक में लिया गया है। उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत यह लाभ केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित न रहकर समान परिस्थिति वाले सभी शिक्षकों पर लागू किया गया है। 

भुगतान के लिए निर्धारित मुख्य शर्तें

विभाग ने नियमित वेतनमान एवं एरियर भुगतान के लिए निम्नलिखित शर्तें तय की हैं:
  • नियमित वेतनमान स्वीकृत करने से पूर्व शिक्षक के प्रथम नियुक्ति आदेश का मिलान कार्यालयीन संगत अभिलेखों से अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
  • निर्धारित वेतन का अनुमोदन संबंधित संभागीय संयुक्त संचालक (कोष, लेखा एवं पेंशन) से कराने के उपरांत ही नियमित वेतन एवं एरियर का भुगतान किया जाएगा।
  • वर्तमान में सेवारत शिक्षकों के एरियर की राशि उनके सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाते में जमा की जाएगी।
  • सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षकों को एरियर राशि का नकद भुगतान 50-50 प्रतिशत की दो किश्तों में एक वर्ष के अंतराल पर किया जाएगा।


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