भोपाल, 15 सितंबर 2026: आज भोपाल के नागरिकों को स्वयं पर गर्व करने का मौका है। नगर निगम में कर्मचारियों ने एक प्रदर्शन किया। वह वेतन और छुट्टी की मांग नहीं कर रहे थे, उनका कहना था कि भोपाल के नागरिक गलती नहीं करते, शहर साफ सुथरा है, तो फिर उनके ऊपर जबरदस्ती फाइन क्यों लगाएं।
भोपाल नगर निगम में कर्मचारियों का प्रदर्शन
कर्मचारियों का आरोप है कि भोपाल नगर निगम के अपर आयुक्त श्री अमन मिश्रा ने कर्मचारियों को टारगेट दिया कि वह हर रोज शहर को गंदा करने वाले नागरिकों को पकड़े और उनके ऊपर फाइन लगाएं। कर्मचारी काम कर रहे हैं या नहीं इसकी मॉनिटरिंग कैसे करें, इसके लिए उन्होंने कर्मचारियों को ₹5000 फाइन वसूलने का टारगेट दे दिया। मंगलवार को प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों का कहना था कि, यह गलत है; टारगेट को तुरंत खत्म किया जाना चाहिए। कई जगहों से प्रतिदिन डेढ़ से दो हजार रुपए का जुर्माना भी नहीं वसूला जा रहा, जबकि टारगेट 5 हजार रुपए प्रतिदिन के है। इस लक्ष्य को लेकर मंगलवार को कर्मचारियों की नाराजगी बढ़ गई और वे निगम मुख्यालय पर पहुंच गए।
भोपाल साफ-सुथरा, इतना फाइन कहां से वसूल करें?
नारेबाजी करने के बाद कमिश्नर से मिले कर्मचारियों ने परिसर में ही नारेबाजी की। इसके बाद वे कमिश्नर संस्कृति जैन से मिले और टारगेट को खत्म करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय मजदूर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनिल श्रवण ने बताया, अपर आयुक्त मिश्रा के खिलाफ यह प्रदर्शन किया गया। उन्होंने एक आदेश जारी किया है कि प्रत्येक जाने में 5 हजार रुपए की राशि जुर्माने के तौर पर वसूले। कहां से इतना जुर्माना वसूले? भोपाल साफ-सुथरा है, फाइन नहीं हो सकता।

