भोपाल, 21 सितंबर 2026: खबर तो बड़ी है, इसलिए बड़ी नहीं है क्योंकि पीड़ित महिला, भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी की पत्नी है बल्कि इसलिए बड़ी है क्योंकि होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट, एक फाइव स्टार होटल है। यदि उसकी लिफ्ट में इस तरह की गड़बड़ी होती है तो इसका मतलब है कि उसके किसी एक स्टार में तो गड़बड़ी है। दूसरी बड़ी खबर यह है कि भोपाल का सरकारी सिस्टम खराब नहीं है। परफेक्ट है, अपडेटेड है और क्विक रिस्पांस करने में सक्षम है। बात बस इतनी सी है कि आम जनता के लिए एक्टिवेट नहीं होता। सिर्फ VIPs को सर्विस देता है।
पब्लिक को इतना क्विक रिस्पांस क्यों नहीं मिलता
घटना रविवार की है, अरेरा हिल्स / एमपी नगर स्थित 5-स्टार होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट में सुबह करीब 10:40 बजे लिफ्ट बीच में रुक गई। अंदर एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की पत्नी, एक डॉक्टर और एक मेडिकल स्टाफ सदस्य फंस गए (वे मेडिकल कॉन्फ्रेंस के लिए आए थे)। घटना की घटित होते ही पूरा भोपाल प्रशासन इमरजेंसी मोड में एक्टिव हुआ और मात्र 20 मिनट में सबको रेस्क्यू कर लिया गया। नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन खुद मौके पर पहुंचीं। इसी तत्परता के कारण मामला सुर्खियों में भी आ गया। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि इसी साल जनवरी में चिनार ड्रीम सिटी, मिसरोद / होशंगाबाद रोड की लिफ्ट में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, लेकिन प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। नतीजा फरवरी में फिर से एक्सीडेंट हुआ और दो लोग घायल हुए। पब्लिक को आपत्ति इस बात से नहीं है कि सीनियर आईएएस ऑफिसर की पत्नी को इतना फास्ट रिस्पांस क्यों दिया गया, बल्कि पब्लिक की आपत्ति इस बात से है कि, बाकी सभी मामलों में इतना क्विक रिस्पांस क्यों नहीं होता।
होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट भोपाल की फाइव स्टार रेटिंग डाउटफुल
जांच में पाया गया कि ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (ARD) नहीं था। मासिक मेंटेनेंस 31 अगस्त की निर्धारित तारीख पर नहीं हुआ था (आखिरी चेक मई में था)। फायर सेफ्टी में भी कमी मिली। इसके बाद होटल की तीन लिफ्टें अस्थायी रूप से सील कर दी गईं। यह घटना होटल की फाइव स्टार रेटिंग को डाउटफुल बताती है। यदि फाइव स्टार होटल की लिफ्ट में ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस नहीं थी, रेगुलर मेंटेनेंस नहीं हो रहा है और फायर सेफ्टी में भी लापरवाही मिल रही है तो इसका मतलब, होटल की फाइव स्टार रेटिंग की समीक्षा की जानी चाहिए।

