भोपाल, 21 सितंबर 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में विधायक एवं सांसदों के लिए मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड द्वारा बनाए गए रचना टावर में बालाघाट चावल घोटाले का आरोपी छुपा हुआ था। पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले ने जहां एक तरफ पुलिस की छवि को थोड़ा दुरुस्त किया है तो दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी की छवि को दाग भी लगा है।
भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशोर कावरे का भाई घोटाले का मास्टरमाइंड
बालाघाट चावल घोटाला का खुलासा 4 जून 2026 को हुआ था। सरकारी चावल को FCI के गोदाम से छिंदवाड़ा स्थित प्लांट पर पहुंचाने के बजाय निजी राइस मिलों में खपा दिया गया था। इस घोटाले की कड़ियां पूर्व मंत्री और भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशोर कावरे के भाई राजकुमार कावरे की टेकाड़ी स्थित हर्ष राइस मिल से भी जुड़ी पाई गईं। मीडिया रिपोर्ट्स में बीजेपी जिला अध्यक्ष के भाई को इस घोटाले का मास्टरमाइंड बताया गया। मामले की निष्पक्ष जांच और तेजी से कार्रवाई के लिए SIT का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों, वित्तीय लेनदेन और बयानों के आधार पर राजकुमार कावरे के बिजनेस पार्टनर विनोद शर्मा, गोपाल ठाकुर और पूर्व मंत्री के भतीजे अविनाश कावरे को गिरफ्तार कर लिया गया था। तीनों आरोपित फिलहाल बालाघाट जेल में हैं।
लेकिन भाजपा जिला अध्यक्ष के भाई राजकुमार कावरे की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। इसके कारण पुलिस की ईमानदारी और कर्तव्य निष्ठा पर सवाल उठ रहे थे। हालांकि विपक्ष कोई खास प्रेशर क्रिएट नहीं कर पाया लेकिन पुलिस लगातार राजकुमार की तलाश कर रही थी। SIT को भोपाल के गोंविदपुरा थाना क्षेत्र से राजकुमार की लोकेशन प्राप्त हुई थी। इसके बाद रविवार को रचना टावर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। हालांकि, बालाघाट पुलिस ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।

