भोपाल, 27 सितंबर 2026: शहर के बैरागढ़ स्थित डेल्टा होटल में एक 27 वर्षीय युवक की डेड बॉडी मिली है। वह मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित श्रम निरीक्षक की चयन परीक्षा देने के लिए उज्जैन से आया था। उज्जैन में उसके पिता और भाई दोनों सरकारी कर्मचारी हैं।
पवन की डेड बॉडी के पास पुलिस को सुसाइड नोट मिला
होटल कर्मचारियों के मुताबिक, शनिवार (26 सितंबर) देर रात तक पवन कमरे से बाहर नहीं आया। कर्मचारियों ने कमरे की जांच की तो दरवाजा अंदर से बंद था। संदेह होने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की मौजूदगी में कमरे को खोला गया तो पवन अंदर मृत मिला। इसके बाद पुलिस ने मौके की जांच की। पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट, मोबाइल फोन और अन्य सामान मिला है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पवन ने जहरीला पदार्थ खाया था। शनिवार देर रात ही पुलिस ने परिजन को उसकी मौत की सूचना दी। इसके बाद होटल के कमरे को सील कर दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
सरकारी नौकरी के लिए कई परीक्षाएं दे चुका था
पवन के बड़े भाई टीएस बामनिया ने बताया कि उनके पिता सरकारी नौकरी में हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी सरकारी सेवा में हैं। पवन भी लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। वह कई प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हो चुका था, लेकिन लगातार सफलता नहीं मिलने से परेशान था। भाई के मुताबिक, सरकारी नौकरी पवन के लिए सिर्फ रोजगार का जरिया नहीं थी, बल्कि उसका सपना था। वह काफी समय से इसकी तैयारी कर रहा था। अलग-अलग परीक्षाओं में कोशिश के बावजूद सफलता नहीं मिलने से वह अंदर से टूट गया था। परिजन का कहना है कि इसी तनाव और मानसिक परेशानी के चलते उसने यह कदम उठाया हो सकता है।
बहुत कोशिश की, लेकिन नहीं हो पा रहा
पुलिस को मिले सुसाइड नोट में पवन ने अपनी परेशानी और लगातार मिल रही असफलताओं का जिक्र किया है। उसने लिखा कि उसने बहुत कोशिश की, लेकिन उससे नहीं हो पा रहा था। बार-बार फेल होना और पीछे रह जाना उसे अंदर से तोड़ चुका था। नोट में उसने सरकारी नौकरी को अपना सपना और जीवन का आधार बताया। उसने लिखा कि उसे जिंदगी में असफलता, हताशा, अकेलापन और चिंता ही मिली। उसने परिवार के साथ अपने रिश्तों का भी जिक्र किया और माता-पिता व दोनों बहनों से माफी मांगी।
माता-पिता और दोनों बहनों से बहुत प्यार मिला
पवन ने नोट में लिखा कि परिवार के साथ उसका सफर अच्छा रहा और उसे परिवार से कभी कोई शिकायत नहीं रही। उसने माता-पिता और दोनों बहनों की ओर से मिले प्यार और सहयोग का जिक्र किया। साथ ही अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं कर पाने के लिए परिवार से माफी मांगी। नोट के अंत में उसने परिवार को उसके जीवन में खुशियां देने के लिए धन्यवाद लिखा और साथ निभाने में असफल रहने के लिए माफी मांगी। नोट में उसने अपने अभिभावकों के मोबाइल नंबर भी लिखे थे।
होटल रूम में से एडमिट कार्ड नहीं मिला
पवन की मौत के बाद अब पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वह 26 सितंबर को निर्धारित लेबर इंस्पेक्टर की परीक्षा में शामिल हुआ था या नहीं। उसके भाई के मुताबिक, होटल के कमरे से न तो एडमिट कार्ड मिला है और न ही परीक्षा का पर्चा। ऐसे में परीक्षा केंद्र तक उसके पहुंचने और वहां परीक्षा देने की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस होटल के रिकॉर्ड, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।

