भोपाल, 15 सितंबर 2026: मध्य प्रदेश में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई में कलेक्टर सहित जिले के सभी बड़े अधिकारियों को जनता के समक्ष उपस्थित होना अनिवार्य होता है, ताकि नागरिकों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सके। भोपाल में आयोजित मंगलवार की जनसुनवाई में 120 लोग अपनी समस्याएं और आवेदन लेकर पहुंचे। हालांकि, जनसुनवाई के दौरान जिले के सबसे बड़े अधिकारी, कलेक्टर स्वयं अनुपस्थित थे।
जनसुनवाई का संचालन कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा के निर्देशन में एडीएम श्री सुमित पांडेय, एसडीएम एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ। एडीएम श्री पांडेय ने आए हुए प्रत्येक आवेदक से धैर्यपूर्वक चर्चा की और उनकी समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। उन्होंने अधिकारियों को नागरिकों के आवेदनों पर संवेदनशील रुख अपनाने तथा त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिसके परिणामस्वरूप कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया।
यहां उल्लेख करना जरूरी है कि जनसुनवाई, उपरोक्त के खिलाफ एक व्यवस्था का नाम है। मतलब ओं जनसुनवाई में आने वाले लोगों को धैर्य पूर्वक सुनने के बाद आश्वासन नहीं देना है बल्कि तत्काल समाधान करना है। यदि तत्काल समाधान नहीं कर सकते तो अगली जनसुनवाई से पहले, मतलब इस सप्ताह के अंत तक करना है। जनसुनवाई में निर्देश नहीं आदेश दिए जाने हैं, लेकिन भोपाल में पिछले कई सालों से जनसुनवाई का मतलब ऑफलाइन सीएम हेल्पलाइन रह गया है।

