हम नक्सल मुक्त बालाघाट को उसके हाल पर नहीं छोड़ेंगे, यहां सबसे तेज विकास दिखेगा: डॉ मोहन यादव

Updesh Awasthee
बालाघाट, 29 अगस्त 2026:
नेताओं की एक आदत होती है, किसी भी क्षेत्र में समस्या का समाधान और विकास अपने एक कार्यकाल में नहीं करते। पहले समस्या का समाधान करते हैं, फिर इसके नाम पर वोट मांगते हैं। दूसरे कार्यकाल में जब तक जनता चीखने ना लगे, तब तक विकास कार्य शुरू नहीं करते। डॉ मोहन यादव इस मामले में अलग हैं। हाल ही में उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में, 40 साल से बालाघाट के नक्सल पीड़ित इलाके को, नक्सल मुक्त करवाया है और बैक टू बैक इलाके के डेवलपमेंट का काम भी शुरू कर दिया। डॉ मोहन कहते हैं, हम नक्सल मुक्त बालाघाट को उसके हाल पर नहीं छोड़ेंगे, यहां सबसे तेज विकास दिखेगा। 

मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज बालाघाट के दौरे पर हैं। सीएम मोहन ने बताया कि, बालाघाट के इस क्षेत्र को नक्सल वाद से मुक्त करवाया गया है। यहाँ पर सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, ऊर्जा विभाग, शिक्षा विभाग, उद्योग विभाग, महिला एवं बाल विकास, आयुष विभाग, खाद्य विभाग, मत्स्य विभाग, हेल्थ विभाग, लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, उद्यानिकी विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, पर्यटन विभाग आदि के माध्यम से कुल 225 करोड़ के कार्य किए जाएंगे।

सुरक्षा के साथ विकास और विकास के साथ रोजगार, हमारा संकल्प है: डॉ मोहन

डॉ मोहन यादव ने बड़ी सुंदर बात कही, "हम एक नए बालाघाट के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं, ऐसा बालाघाट जो नक्सलमुक्त भी हो और विकास एवं रोजगार के नए अवसरों से परिपूर्ण भी हो।" उन्होंने कहा, हमारी सरकार का स्पष्ट संकल्प है, सुरक्षा के साथ विकास और विकास के साथ रोजगार। बालाघाट के 100 ग्रामों के समग्र विकास के लिए आधारभूत सुविधाओं के साथ अब ₹225 करोड़ की नई विकास एवं आजीविका पहल को आगे बढ़ाया जाएगा। सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को हर जरूरतमंद गांव तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।

हमारा उद्देश्य सड़क को बाजार से, गांव को रोजगार से जोड़ना: डॉ मोहन यादव

अब हमारा लक्ष्य केवल सड़क बनाने का नहीं, बल्कि सड़क को बाजार से, गांव को रोजगार से और युवाओं को अवसरों से जोड़ने का है। बालाघाट में MSME और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए अपने ही क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे। डॉ यादव ने कहा, बालाघाट की प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत को देखते हुए पर्यटन, Eco-Tourism और Tribal Tourism को नई ऊंचाई दी जाएगी। कृषि, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण को ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने का माध्यम बनाया जाएगा। हमारी कोशिश होगी कि गांव का उत्पाद गांव में ही मूल्यवर्धित हो और देश के बड़े बाजार तक पहुंचे। युवाओं को नौकरी की तलाश में बालाघाट छोड़कर नहीं जाना पड़ेगा, उनको आत्मनिर्भर एवं उद्यमी बनाने के लिए कौशल, प्रशिक्षण और उद्यमिता के अवसर बढ़ाए जाएंगे। हमारी मातृशक्ति और स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों और छोटे उद्यमों से जोड़कर परिवार की आय बढ़ाने का काम किया जाएगा।

बैगा समाज के लिए मुख्यमंत्री के विशेष संकल्प

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि, बैगा समाज हमारे मध्यप्रदेश की गौरवशाली जनजातीय विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बैगा समाज के सर्वांगीण विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। बैगा परिवारों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास, सड़क, बिजली और सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं का प्रभावी एवं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। बैगा युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैगा समाज की पारंपरिक कला, संस्कृति, ज्ञान और स्थानीय उत्पादों को आजीविका एवं बाजार से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। हमारी सरकार का उद्देश्य है कि बैगा समाज विकास की मुख्यधारा में सम्मान, अधिकार और अवसर के साथ आगे बढ़े। बैगा समाज के बच्चों का भविष्य बेहतर हो, युवाओं को रोजगार मिले, महिलाओं की आय बढ़े और प्रत्येक परिवार के जीवन में खुशहाली आए, इसके लिए सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।

सुरक्षित बालाघाट से समृद्ध बालाघाट मुख्यमंत्री का संकल्प

नक्सलमुक्त बालाघाट हमारी उपलब्धि है, लेकिन समृद्ध और आत्मनिर्भर बालाघाट हमारा अगला लक्ष्य है। हमारा संकल्प है हर गांव में विकास, हर युवा को अवसर, हर परिवार की आय में वृद्धि और हर समाज को सम्मान।सुरक्षित बालाघाट से समृद्ध बालाघाट और नक्सल से विकास की ओर, यही हमारी नई दिशा है।”

बहनों ने मोहन भैया की कलाई पर बांधी राखी, स्नेह और अपनत्व से भावुक हुआ बालाघाट

बालाघाट- रक्षाबंधन के पावन अवसर पर आज बालाघाट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बहनों के प्रति स्नेह और आत्मीयता का भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कलाई पर राखी बांधकर अपना स्नेह और आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने भी बहनों के इस आत्मीय स्नेह को भावपूर्वक स्वीकार करते हुए उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहनों से आत्मीय संवाद किया और कहा कि बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए सदैव प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत है। रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का भी पर्व है।

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