मुख्यमंत्री जी, महिला रोजगार सहायकों की तबादला नीति में ढील दी जानी चाहिए: कर्मचारी कल्याण समिति

Updesh Awasthee
भोपाल, 20 अगस्त 2026
: मध्य प्रदेश में ग्राम रोजगार सहायकों और सहायक सचिवों के अंतर-जिला स्थानांतरण न होने के कारण पैदा हुए सामाजिक व पारिवारिक संकट का मामला अब प्रदेश के मुखिया के द्वार तक पहुंच गया है। मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण समिति (मंत्रालय, भोपाल) के अध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा ने माननीय मुख्यमंत्री को एक अत्यंत संवेदनशील पत्र लिखकर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए महिला रोजगार सहायकों की तबादला नीति में ढील देने और उन्हें पति की नियुक्ति स्थल या ससुराल वाले जिले में स्थानांतरित करने की पुरजोर पैरवी की है।

आज़ाद संगठन की मांग और टूटते घरों की दर्दनाक हकीकत

इस पूरे मामले की शुरुआत 'ग्राम रोजगार सहायक/सहायक सचिव आजाद संगठन' के उस पत्र (दिनांक 31.07.2026) से हुई है, जिसमें उन्होंने महिला ग्राम रोजगार सहायिकाओं और सहायक सचिवों को उनके मूल पदस्थापना स्थल से अन्य जिलों अथवा ब्लॉकों में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया था। अध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा ने अपने पत्र (क्रमांक 140/म.प्र.ra.k.k.s./2026, दिनांक 31 जुलाई 2026) में साफ तौर पर आगाह किया है कि ट्रांसफर न होने के चलते कई महिला रोजगार सहायकों के सुखी वैवाहिक जीवन में दरार आ रही है और नौबत तलाक तक आ गई है। 

मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष ने इस बात को अत्यंत गंभीरता से रेखांकित किया है कि:
"कुछ महिला ग्राम रोजगार सहायक/सहायक सचिव का विवाह अन्य जिलों/ब्लॉकों में हो जाने के कारण स्थानांतरण न होने से वैवाहिक जीवन अस्त व्यस्त/तलाक भी हो गया है, कई बहनों के तो घर भी टूट चुके हैं। मानवीय दृष्टिकोण से ससुराल या पति की नियुक्ति स्थान पर महिला ग्राम रोजगार सहायकों को जिला/ब्लॉक में स्थानांतरण/स्थान परिवर्तन किया जाना न्यायोचित होगा।"

क्या हैं वर्तमान नियम और क्या है अड़चन?

वर्तमान में ग्राम रोजगार सहायकों के स्थानांतरण को लेकर नियम काफी सीमित हैं, जिससे महिला कर्मचारियों की राह कठिन हो गई है:
1. जिले के भीतर ही स्थान परिवर्तन की व्यवस्था: मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद के पत्र क्रमांक 1122 दिनांक 24.06.2025 के अनुसार, मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी स्कीम, म.प्र.) ग्राम रोजगार सहायक मार्गदर्शिका 2025 के तहत यदि किसी रोजगार सहायक ने तीन वर्ष से अधिक की सफलतापूर्वक सेवा पूर्ण कर ली है, तो उसका उसी जिले के किसी अन्य ग्राम पंचायत में स्थान परिवर्तन किया जा सकता है। इस स्थिति में उसका प्रथम ग्राम पंचायत के साथ अनुबंध समाप्त कर नवीन ग्राम पंचायत के साथ नया अनुबंध निष्पादित किया जाता है। परंतु, इस व्यवस्था से दूसरे जिले में ब्याही गईं महिला सहायकों को कोई राहत नहीं मिल पाती।

2. मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल की मांग: पत्र में ध्यान दिलाया गया है कि मध्यप्रदेश शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल की संक्षेपिका के अनुसार, माननीय मुख्यमंत्री द्वारा 28 जून 2023 को की गई घोषणाओं के तहत ग्राम रोजगार सहायकों की नियुक्ति और स्थानांतरण की समस्त प्रक्रियाएं पंचायत सचिवों के समान किए जाने की बात कही गई थी।
(हालांकि तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा इस प्रकार की घोषणा करने के बाद उसके पालन में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके कारण मामला पेंडिंग हो गया और फिर आज तक पेंडिंग बना हुआ है।)

'वी-जी-आर-जी' योजना के कर्मचारियों के लिए निर्देश जारी करने का अनुरोध

राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री से विनम्र अनुरोध किया है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत वी-जी-आर-जी (VGRG) योजना में कार्यरत इन ग्राम रोजगार सहायकों/सहायक सचिवों के अन्य जिलों में स्थानांतरण और स्थान परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया जाए। इसके लिए उन्होंने विभाग के संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द निर्देशित करने की कृपा करने का आग्रह किया है ताकि प्रदेश की सैकड़ों बहनों के उजड़ते हुए घरों को बचाया जा सके। - रिपोर्ट: शोएब सिद्दीकी

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