मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक भर्ती विवाद, मुख्यमंत्री तक पहुंचा, शिक्षा मंत्री और CPI को कोई प्रॉब्लम नहीं

Updesh Awasthee
भोपाल, 12 अगस्त 2026:
मध्य प्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित की गई प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2025, जिसकी नोडल एजेंसी लोक शिक्षण संचालनालय और परीक्षा का आयोजन मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा किया गया था, विवादित हो गई है। अभ्यर्थी क्लोज़ नंबर 49 का पालन करवाने के लिए सप्ताह भर से भोपाल में डटे हुए। आज उन्होंने बड़ा संघर्ष करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मुलाकात की और अपना आवेदन सौंपा। 

अभ्यर्थियों को देखते ही मुख्यमंत्री ने कार रोकी 

शिक्षा मंत्री और CPI को कोई प्रॉब्लम नहीं फिर भी इशू रिजॉल्व नहीं 

इस मामले में अभ्यर्थियों ने बड़ी अजीब बात बताई है। उनका कहना है कि पिछले दिनों वह स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह के बंगले पर गए थे। माननीय स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय को कोई आपत्ति नहीं है। उनके ऑफिस से लोक शिक्षण संचालनालय को फोन पर निर्देशित किया गया कि अभ्यर्थियों को परेशान ना किया जाए, उनकी समस्या का समाधान किया जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयुक्त श्री अभिषेक सिंह भी इस मामले में नैतिक रूप से अभ्यर्थियों के साथ है। उनका व्यवहार बड़ा मधुर रहा और वह चाहते हैं कि इस मामले का समाधान हो जाए लेकिन फिर भी अब तक इशू रिजॉल्व नहीं हो पा रहा है। 

प्रदर्शनकारियों की प्रॉब्लम क्या है

अभ्यर्थियों का कहना है कि जब उन्होंने फॉर्म भरा था तो फॉर्म के क्लॉज़ 49 में स्पष्ट लिखा था कि "इस परीक्षा में भाग लेने वाले जो आवेदक निर्धारित शैक्षणिक योग्यता अर्जित करने की परीक्षा के अंतिम वर्ष में हैं, वे भी परीक्षा में बैठने के लिए मान्य होंगे। ऐसे आवेदकों को उस तिथि को अंकसूची /उपाधि धारित किया जाना अनिवार्य होगा जिस तिथि को उनके परीक्षण हेतु शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्र मांगें जाएंगे।" अब जबकि परीक्षा प्रक्रिया पूर्ण हो गई है और नियुक्ति से पहले डॉक्युमेंट वेरीफिकेशन की प्रक्रिया शुरू हुई है तो स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत लोक शिक्षण संचालनालय वालों ने अचानक एलिजिबिलिटी की शर्त बदल दी। कहते हैं कि आवेदन वाले दिन तक शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण पत्र होना चाहिए। हम केवल इतना चाहते हैं कि क्लॉज़ नंबर 49 का पालन किया जाए।

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के तर्क

1. रूल बुक का अध्याय एक के विभागीय नियम का नियम क्रमांक 3 " आवेदन पत्र विभाग एवं कर्मचारी चयन मंडल के निर्देश अनुसार है।
सर, इस नियम से प्रमाणित होता है आवेदन पत्र एवं उसकी शर्तें कानूनी एवं प्रभावी शर्तें हैं। 

2. रूल बुक के रूल क्रमांक 3.20 में स्पष्ट नियम दिया है कि, आवेदक आवेदन पत्र भरेगा,esb की लिंक में application ओपन होगा उसी में सभी नियम एवं निर्देश दिए हैं उसी अनुरूप आवेदन करें।
सर इस नियम से प्रमाणित होता है कि आवेदन पत्र में दिए गए शर्तें भी नियम ही थे।

3. रूल बुक में दिया रूल 3.17 का प्रथम नियम, " आवेदन पत्र में दिए गए प्रारूप को नियमों के अनुसार भरें।"
सर इससे यह प्रमाणित होता है कि आवेदन पत्र को उसी में दिए नियमों को देखकर भरना था।

4.  विभाग और मंडल अपने पास संशोधन के अधिकार रखता ऐसे संशोधन बंधनकारी होंगे।
इससे यह प्रमाणित होता है आवेदन पत्र में या अन्य नियमों में शर्त 49 के रूप में ऐसे प्रावधान जोड़ने के अधिकार विभाग के पास सुरक्षित थे।

नेता प्रतिपक्ष ने प्रमुख सचिव को पत्र लिखा

नेता प्रतिपक्ष द्वारा भी क्लॉज़ 49 को मान्य कराने एवं एलिजिबिलिटी की कट ऑफ डेट के बारे में पुनः परीक्षण करने के लिए प्रदर्शन रत चयनित शिक्षकों के अधिकारों के संरक्षण हेतु स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा गया।

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