भारत में व्हाट्सएप के माध्यम से भी पुलिस थाने में FIR दर्ज करवा सकते हैं

Updesh Awasthee
नई दिल्ली, 11 अगस्त 2026
: यदि कोई अपराध हुआ है, और ऐसी स्थिति है कि आप स्वयं पुलिस थाने नहीं जा सकते। आप पुलिस थाने में फोन लगा रहे हैं लेकिन फोन रिसीव नहीं हो रहा। पुलिस इंस्पेक्टर भी आपका फोन रिसीव नहीं कर रहा है तो व्हाट्सएप के माध्यम से भी अपराध की सूचना दे सकते हैं और व्हाट्सएप से प्राप्त हुई अपराध की सूचना के आधार पर पुलिस इंस्पेक्टर FIR दर्ज करके कार्रवाई करेंगे। यह प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में किया गया है जिसकी जानकारी आज राज्यसभा में फिर से दी गई। 

India: You Can Also File an FIR Through WhatsApp at Police Stations

गृह राज्य मंत्री श्री बांदी संजय कुमार ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 173 में अन्य बातों के साथ ही प्रावधान है कि संज्ञेय अपराध से संबंधित प्रत्येक रिपोर्ट, चाहे अपराध किसी भी क्षेत्र में हुआ हो, पुलिस थाने के प्रभारी को मौखिक या इलेक्ट्रॉनिक संचार द्वारा दर्ज कराई जा सकती है। यदि रिपोर्ट मौखिक रूप से दर्ज कराई जाती है, तो प्रभारी अधिकारी उसे लिखित रूप में दर्ज करेंगे, जिस पर रिपोर्ट दर्ज कराने वाले व्यक्ति के हस्ताक्षर होंगे। यदि रिपोर्ट इलेक्ट्रॉनिक संचार द्वारा दर्ज की जाती है, तो इसकी सूचना देने वाले व्यक्ति को तीन दिन के भीतर हस्ताक्षर करना होगा और पुलिस थाने के प्रभारी उसे रिकॉर्ड में दर्ज करेंगे। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 में प्रावधान है कि ई-एफआईआर या इलेक्ट्रॉनिक संचार के माध्यम से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में शिकायतकर्ता को निर्धारित तीन दिन में इस पर हस्ताक्षर करना आवश्यक है। 

इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यम का मतलब क्या होता है 

इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यम का मतलब वह सब कुछ जो आप कल्पना कर सकते हैं। मतलब टेलीफोन, व्हाट्सएप या कोई भी दूसरा मैसेजिंग मोबाइल एप, मोबाइल पर सामान्य मैसेज, इंटरनेट के माध्यम से किसी भी प्रकार की कॉलिंग, ईमेल, पुलिस की तरफ से बनाई गई वेबसाइट जिस पर e-fir की सुविधा हो। थाना स्तर पर इस प्रकार के वेब पेज बनाए जा सकते हैं। लेकिन किसी भी थाने की पुलिस जनता को इस बात के लिए मजबूर नहीं कर सकती कि वह केवल किसी एक विशेष प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यम का ही उपयोग करें। उदाहरण के लिए पुलिस यह नहीं कह सकती कि आपको केवल हमारे डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर आकर फॉर्म भरना होगा। 
रिपोर्ट: उपदेश अवस्थी (विधि सलाहकार एवं पत्रकार) 
न्यूज सोर्स: प्रेस इनफॉरमेशन ब्यूरो, भारत सरकार। रिलीज़ आईडी: 2297801

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