भोपाल, 8 अगस्त 2026: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान अचानक सुर्खियों में आ गए हैं। पहले किसान आंदोलन, फिर दतिया का चुनाव, फिर रायपुर में पनीर और अब EWS में शिकायत। यह शिकायत Ex IFS आजाद सिंह डबास ने की है। भोपाल के प्रतिष्ठित एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री रविंद्र जैन ने उनसे सीधा सवाल किया। आप शिवराज सिंह जी के पीछे क्यों पड़े हुए हैं, आपको इसके लिए किसने सुपारी दी। हम इस समाचार में दोनों की बातचीत का वीडियो अटैच कर रहे हैं। आजाद सिंह ने क्या जवाब दिया आप खुद सुन लीजिए।
जनता ने तो साथ दिया लेकिन पार्टी में साजिश हो गई
श्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश पर सबसे अधिक 17 वर्ष (16 वर्ष 283 दिन) तक शासन किया। इस दौरान उन्होंने कन्यादान योजना चलाई, बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा कराई, और भी कई बड़े महत्वपूर्ण काम किया और अंत में लाडली बहना योजना चलाई। बचपन से ही भाषण देने का शौक था, मुख्यमंत्री बनने के बाद 17 साल तक भाषण कला के माध्यम से उन्होंने जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। खुद को मध्य प्रदेश के Gen Z का "मामा" स्थापित किया। जब 2023 का विधानसभा चुनाव जीते, तो सबको यकीन था कि शिवराज सिंह ही मुख्यमंत्री बनेंगे, लेकिन अंतिम समय में पार्टी ने उनके साथ वही किया जो उन्होंने स्वर्गीय प्रभात झा के साथ किया था। अब उनके दिल में एक दर्द हमेशा बना रहता है और उनको लगता है कि यदि कुछ लोगों ने उनका विरोध ना किया होता, तो वह आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री होते।
लोग शिवराज सिंह का विरोध क्यों करते हैं?
यहां सवाल बनता है कि जो व्यक्ति निर्धन कन्याओं का विवाह करवाता है, बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा करवाता है, निर्धन महिलाओं को मासिक भत्ता देता है, ऐसे भले इंसान का कुछ लोग विरोध क्यों करते हैं? दरअसल, यह सवाल करने वाले भूल जाते हैं कि शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में ही मध्य प्रदेश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था को धुस्त किया गया, आंगनवाड़ी में पलने वाले भूखे बच्चों तक निवाला नहीं पहुंचने दिया गया। मध्य प्रदेश के सरकारी कॉलेज केवल एक इमारत बनकर रह गए, अस्पतालों में डॉक्टर की कुर्सी पर कुत्ते सोते हुए मिले और व्यापम घोटाला कैसे भूल सकते हैं। कितने लोगों के हक की नौकरी, किसी दूसरे को दी गई। कितने बच्चों को योग्यता होने के बाद भी मेडिकल में सीट नहीं मिली। किस प्रकार खुलेआम परीक्षा हॉल में सॉल्वर को प्रवेश मिलने दिया गया। यदि किसी के घर में चोरी हो जाए तो इसके लिए भी सरकार को जिम्मेदार माना जाता है, यहां तो लाखों युवाओं का भविष्य चोरी हो गया। CBI ने भले ही क्लीन चिट दे दी हो लेकिन मध्य प्रदेश का एक वर्ग आज भी व्यापम घोटाले के लिए शिवराज सिंह सरकार को जिम्मेदार मानता है।
आज जब शिवराज सिंह दौरे पर जाते हैं तो लोग मामा-मामा कह कर उनका अभिनंदन करते हैं, कोई काले झंडे नहीं दिखता लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि लोग शिवराज सिंह शासन का दूसरा चेहरा भूल गए हैं। जिस प्रकार श्री दिग्विजय सिंह, मध्य प्रदेश की यादों में बसे हुए हैं, बिल्कुल वैसे ही श्री शिवराज सिंह चौहान भी मध्य प्रदेश की जनता के एक वर्ग की यादों में फिक्स डिपॉजिट हो गए हैं।

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