भोपाल, 6 अगस्त 2026: भारत सरकार के कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के ब्रांड "मामा" श्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे श्री कार्तिकेय सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ सरकार की कानूनी जांच प्रक्रिया के केंद्र में हैं। रायपुर के रेलवे स्टेशन पर 500 किलो पनीर पकड़ा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह नकली पनीर है। पनीर के पैकेट पर "सुधामृत" नाम लिखा हुआ है। यह ब्रांड नेम श्री कार्तिकेय सिंह चौहान की डेयरी का है। "सुधामृत" के नाम से दूध, पनीर और मक्खन भी बनाया जाता है। हालांकि जप्त करने के बाद प्रशासन के अधिकारी चुप हो गए हैं। वह ना तो लोकल मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन कर रहे हैं और ना ही उनका समर्थन कर रहे हैं।
समाचार का विस्तार शुरू करने से पहले यह बताना जरूरी है कि मध्य प्रदेश में, शिवराज सिंह चौहान की, गजब की लोकप्रियता है। नकली पनीर तो बहुत बड़ी बात, यहां के लोग यह विश्वास करने को भी तैयार नहीं होंगे कि "सुधामृत" दूध में थोड़े बहुत पानी की भी मिलावट हुई होगी। भोपाल में "सुधामृत" सबसे महंगा दूध है और लोग इसकी शुद्धता पर विश्वास करते हैं। अब समाचार जो रायपुर से प्राप्त हुआ:
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को सूचना मिली थी कि भोपाल से बड़ी मात्रा में पनीर, रायपुर पहुंचने वाला है। सूचना के आधार पर टीम ने रायपुर रेलवे स्टेशन पर निगरानी की और अमरकंटक एक्सप्रेस से उतारे गए 10 बड़े डिब्बों में भरे करीब 500 किलो पनीर को जब्त कर लिया।अधिकारियों ने मौके पर ही सैंपल लेकर उन्हें परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेज दिया। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ और ओडिशा में होनी थी सप्लाई
अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह खेप रायपुर से बसों के जरिए बसना, सरायपाली और ओडिशा के विभिन्न इलाकों में भेजी जानी थी। इसके अलावा शहर के होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक भी इसकी आपूर्ति की योजना थी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि, रेलवे के माध्यम से इस प्रकार की सप्लाई हर सप्ताह आती थी। इस बात को लेकर रेलवे के अधिकारियों के साथ बहस भी हुई थी।
पनीर के पकड़े जाने के बाद लोकल मीडिया में इसको एनालॉग पनीर (नकली पनीर जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है), बता दिया गया था लेकिन जैसे ही पता चला कि, जप्त किए गए माल का कनेक्शन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे से है, तब अधिकारियों के बयान बदल गए।
डोमेंद्र ध्रुव, नोडल अधिकारी, फूड विभाग का कहना है कि, प्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाया गया है। ट्रेन के माध्यम से अवैध रूप से पनीर की सप्लाई किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए स्टॉक को जब्त कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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