भोपाल समाचार, 21 अगस्त 2026: भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री अभिषेक सिंह ने, विरोध प्रदर्शन करने वालों से अपनी सुरक्षा के लिए बाउंसर बुलाए। मीडिया जब उनको कैप्चर करने गई तो वह बाथरूम में छुप गए। पुलिस ने उनको पकड़ कर बाहर निकाल और बाद में आयुक्त ने स्पष्टीकरण दिया कि वह बाउंसर नहीं, सिक्योरिटी एजेंसी के गार्ड हैं। सवाल यह है कि जब मध्य प्रदेश पुलिस उपलब्ध है तो फिर सरकारी ऑफिस की सिक्योरिटी के लिए प्राइवेट एजेंसी क्यों?
CPI Called Bouncers, Hid in Bathroom When Media Arrived; Police Chased Them Away, Commissioner Clarifies
मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत लोक शिक्षण संचालनालय ने मध्य प्रदेश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था को तो पहले से ही मजाक बना रखा था, आज संचालनालय को भी मजाक बना दिया। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं आयुक्त श्री अभिषेक सिंह ने, गुरुवार को ABVP द्वारा किए गए उत्तेजक विरोध प्रदर्शन के बाद, एक तरफ आयुक्त श्री अभिषेक सिंह के समर्थन में स्कूल शिक्षा विभाग के कर्मचारियों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहे हैं तो दूसरी तरफ आयुक्त श्री अभिषेक सिंह ने अपनी सिक्योरिटी के लिए और विरोधियों से निपटने के लिए, प्राइवेट एजेंसी के बाउंसर बुला लिए। यहां बताना जरूरी है कि जो पहलवान टाइप के लोग, ब्लैक यूनिफॉर्म में खड़े होते हैं अथवा कैंपस में घूम रहे होते हैं, सामान्य बातचीत की भाषा में उनको बाउंसर कहा जाता है। इनके पास किसी प्रकार का वर्किंग परमिट नहीं होता। यह किसी भी क्षेत्र में अवैध रूप से उपस्थित होते हैं।
जब इस बात की जानकारी मीडिया को मिली तो मीडिया ने इनको अपने वीडियो कैमरे में कैप्चर करने की कोशिश की। मीडिया के कैमरे से बचने के लिए 4 बाउंसर बाथरूम में जाकर छुप गए। बाद में पुलिस बुलाई गई तो पुलिस को देखकर संचालनालय के अंदर छुपने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने सबको बाहर खदेड़ दिया। इसके बाद एक बार फिर आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय श्री अभिषेक सिंह मीडिया के सामने आए और उन्होंने बयान दिया कि जो लोग DPI परिसर में थे, जिनको लेकर विवाद हुआ है, वह प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी के सिक्योरिटी गार्ड हैं। आज यूनिफॉर्म में नहीं थे। हालांकि उपलब्ध वीडियो, आयुक्त श्री अभिषेक सिंह के बयान का समर्थन नहीं करते, क्योंकि यदि वह सिक्योरिटी गार्ड थे तो फिर मीडिया को देखकर बाथरूम में क्यों छुपे और पुलिस को देखकर भेज क्यों।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि श्री अभिषेक सिंह, भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। लोक शिक्षण संचालनालय एक सरकारी ऑफिस है और इसकी सुरक्षा करना पुलिस की जिम्मेदारी है। एक आईएएस ऑफिसर, एक प्राइवेट बिल्डर की तरह, अपनी सिक्योरिटी के लिए प्राइवेट एजेंसी कैसे हायर कर सकता है?

