व्यापम घोटाले का नया तरीका: हाईकोर्ट में हुआ खुलासा, लेकिन सिर्फ एक कैंडिडेट को न्याय मिला

Updesh Awasthee
भोपाल समाचार, 12 जुलाई 2026:
यदि सिस्टम में बैठा हुआ व्यक्ति बेईमान है तो आप कुछ भी कर लीजिए, व्यापम घोटाला नहीं रुकेगा। कोर्ट में व्यापम घोटाले का एक नए तरीके का खुलासा हुआ है, लेकिन यह पिटीशन एक कैंडिडेट द्वारा लगाई गई थी इसलिए केवल उसको ही न्याय मिला है। जबकि व्यापम द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं में इस तरह के घोटाले की पूरी संभावना है। 

MP Police Constable Recruitment 2025 Answer Key Controversy: High Court Intervenes

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ को MP Police Constable Recruitment Test-2025 की चयन प्रक्रिया में 'final answer key' में हुए बदलावों को लेकर एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप करना पड़ा। न्यायमूर्ति पवन कुमार द्विवेदी (Justice Pavan Kumar Dwivedi) ने WRIT PETITION No. 24852 of 2026 की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे याचिकाकर्ता की आपत्तियों के निराकरण के लिए एक्सपर्ट कमेटी का गठन करें। इस मामले में मुख्य विवाद यह है कि परीक्षा के बाद अंतिम उत्तर कुंजी (final key) को बदल दिया गया, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।

Vijay Rathod vs State of MP: Candidate Missed Cut-off by 0.34 Marks Due to Answer Key Alteration

याचिकाकर्ता विजय राठौड़ की ओर से वकील श्री दिनेश सिंह चौहान ने कोर्ट को बताया कि MP High Court decision on recruitment final key alteration का सीधा असर उनके मुवक्किल के भविष्य पर पड़ा है। याचिकाकर्ता केवल 0.34 अंकों के अंतर से चयन के 'cut-off' से चूक गया, और यह स्थिति केवल अंतिम उत्तर कुंजी में अचानक किए गए बदलाव के कारण पैदा हुई। मतलब प्राइमरी आंसर शीट में जिस उत्तर के पूरे नंबर मिले थे फाइनल आंसर शीट में कैंडिडेट द्वारा दिए गए उत्तर को बदल दिया गया। मतलब कंप्यूटर सर्वर के अंदर आंसर शीट एडिट कर दी गई।

जब विजय राठौड़ ने इस विसंगति पर विभाग के समक्ष अपनी बात रखनी चाही, तो ऑनलाइन पोर्टल पर कोई 'objection link' उपलब्ध नहीं था, जिसके कारण उनकी शिकायतों (representations) को स्वीकार नहीं किया गया और उन्हें बिना सुने ही प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। 

Legal Precedents in MP Police Exam Answer Key Disputes: Arpit Sahu and Neeraj Mishra Cases

सुनवाई के दौरान अदालत का ध्यान पिछले समान मामलों की ओर भी आकर्षित किया गया। याचिकाकर्ता के वकील ने Arpit Sahu & Ors. vs. The State of Madhya Pradesh और Neeraj Mishra & Ors. vs. The State of MP जैसे मामलों का हवाला दिया, जिनमें दिसंबर 2025 में कोर्ट ने इसी तरह की उत्तर कुंजी की विसंगतियों पर आदेश दिए थे।

उन आदेशों में अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि यदि विशेषज्ञ समिति (expert body) उत्तर कुंजी में सुधार करती है, तो पहले से चयनित उम्मीदवारों (selectees) को नोटिस जारी किया जाना चाहिए और आपत्तियां प्राप्त होने के बाद ही नई मेरिट लिस्ट तैयार की जानी चाहिए। 

State Government Defends Answer Key Modification Based on Expert Opinion

दूसरी ओर, राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे पैनल लॉयर श्री प्रद्युम्न मलपानी ने दलील दी कि उत्तर कुंजी में किया गया 'modification' पूरी तरह से 'expert opinion' पर आधारित है। सरकार का तर्क है कि विशेषज्ञों की राय के आधार पर किए गए बदलावों में कानूनी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने पिछले फैसलों के आलोक में यह माना कि स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्णय के लिए उम्मीदवारों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना अनिवार्य है। 

High Court Directions: How to Raise Objection for MP Police Constable Revised Answer Key

अदालत ने अंततः इस याचिका का निपटारा करते हुए निर्देश दिया कि प्रतिवादी (Respondents No. 3 and 4) याचिकाकर्ता विजय राठौड़ को अंतिम उत्तर कुंजी में बदलाव के विरुद्ध अपनी आपत्तियां दर्ज करने का अवसर प्रदान करें। कोर्ट ने Justice Pavan Kumar Dwivedi order on answer key disputes के अनुरूप आदेश दिया कि विशेषज्ञों की समिति इन आपत्तियों पर एक महीने के भीतर विचार करे और उचित निर्णय ले।

हालांकि कोर्ट ने मामले की मेरिट (merits) पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है, लेकिन इस आदेश ने उन उम्मीदवारों के लिए न्याय की उम्मीद जगा दी है जो तकनीकी बदलावों के कारण भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो गए थे।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!