भोपाल समाचार, 18 जुलाई 2026: समान नागरिक संहिता को लेकर मध्य प्रदेश में बयानों की जंग शुरू हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का कहना है कि इसकी मध्य प्रदेश में कोई जरूरत ही नहीं है जबकि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ऐलान किया है कि, UCC लागू होने के बाद सिर्फ एक शादी करने वालों को ही मध्य प्रदेश में रहने का अधिकार रहेगा।
सीएम मोहन यादव ने हाल ही में (कैबिनेट मीटिंग से पहले) UCC को लेकर स्पष्ट और चर्चित बयान दिया है:“राम एक विवाह करते हैं तो रहीम से भी एक विवाह की अपेक्षा होनी चाहिए।”
“मध्य प्रदेश में वही रहेगा जो एक शादी करेगा।” (यानी राज्य में केवल एक विवाह की अनुमति होगी, बहुविवाह नहीं चलेगा)
उन्होंने ट्रिपल तलाक जैसी प्रथाओं को भी अस्वीकार करने और सभी के लिए एक समान कानून लागू करने पर जोर दिया। यह बयान मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र (20-24 जुलाई 2026) से पहले दिया गया है।14 जुलाई 2026 को सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस से यूसीसी पर अपना स्टैंड स्पष्ट करने को कहा: “चाहे यूसीसी हो या धार-भोजशाला का मुद्दा, कांग्रेस हमेशा हिंदू-मुस्लिम वोट के आधार पर स्टैंड लेती है। कांग्रेस को इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए।”
हालिया घटनाक्रम (जुलाई 2026)
13-14 जुलाई 2026: उच्च स्तरीय समिति (जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में) ने सीएम को तीन खंडों वाली अंतिम रिपोर्ट (ड्राफ्ट बिल सहित) सौंप दी। इसमें अनुसूचित जनजातियों (ST) को UCC के दायरे से बाहर रखने का प्रस्ताव है।
18 जुलाई 2026 (आज): विशेष कैबिनेट बैठक (जगदीशपुर में) में ड्राफ्ट को मंजूरी मिलने की संभावना है।
इसके बाद 20-24 जुलाई के मानसून सत्र में विधेयक विधानसभा में पेश किया जाएगा।

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