नई दिल्ली, 17 जुलाई 2026: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने SpiceJet Limited पर ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) का जुर्माना लगाया है। मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा के नेतृत्व में सीसीपीए ने पाया कि एयरलाइन अपने फ्लाइट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर 'डार्क पैटर्न' (Dark Patterns) या भ्रामक डिजाइन प्रथाओं का उपयोग कर रही थी। यह कार्रवाई डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने और consumer rights protection against dark patterns को मजबूती देने के लिए की गई है। प्राधिकरण के अनुसार, स्पाइसजेट की ये गतिविधियां उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और ई-कॉमर्स नियमों का स्पष्ट उल्लंघन हैं।
How dark patterns affect flight booking: Examples from SpiceJet case
क्या गड़बड़ी हो रही थी? (उदाहरण सहित समझें): PIB भारत सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, स्पाइसजेट ग्राहकों के निर्णय लेने की प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रही थी, जिन्हें 'डार्क पैटर्न' कहा जाता है:
Forced Action (जबरन नामांकन): जब कोई ग्राहक टिकट बुक करता था, तो 'Spice Club Loyalty Programme' के लिए एक pre-ticked checkbox पहले से ही चुना हुआ होता था। इसका मतलब है कि ग्राहक ने खुद उसे नहीं चुना, बल्कि कंपनी ने उसे जबरन नामांकित कर दिया।
Interface Interference (इंटरफेस में हस्तक्षेप): कंपनी ने अपने फायदे वाले विकल्पों को 'डिफ़ॉल्ट' (default choice) के रूप में सेट किया था। उदाहरण के लिए, प्रमोशनल मैसेज प्राप्त करने का विकल्प पहले से ही सिलेक्टेड रहता था, जिससे ग्राहक की बिना किसी सक्रिय भागीदारी के उसकी सहमति मान ली जाती थी।
Trick Question (भ्रामक प्रश्न): सहमति लेने के लिए ऐसी भाषा (negatively worded consent language) का प्रयोग किया गया जो ग्राहकों को भ्रमित कर सकती थी। Impact of pre-ticked checkboxes on consumer consent को यहाँ देखा जा सकता है, जहाँ ग्राहक को लगता है कि वह केवल टिकट बुक कर रहा है, जबकि वह अनचाही सेवाओं के लिए भी सहमत हो जाता है।
SpiceJet deceptive design practices penalty and legal violations
प्राधिकरण की जांच में यह भी सामने आया कि नोटिस जारी होने के बाद भी एयरलाइन ने अपनी कार्यप्रणाली को पूरी तरह नहीं सुधारा। स्पाइसजेट ने पुराने तरीके को बदलकर भविष्य के संदेशों (WhatsApp, ईमेल) के लिए एक और 'pre-ticked' बॉक्स का उपयोग शुरू कर दिया, जो केवल रूप बदलकर पुरानी प्रथा को जारी रखना था। यद्यपि स्पाइसजेट ने इन घटनाओं को एक 'तकनीकी त्रुटि' (technical error) बताया, लेकिन सीसीपीए ने इसे गंभीरता से लिया। SpiceJet deceptive design practices penalty इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ई-कॉमर्स नियम 2020 के नियम 4(9) का उल्लंघन है, जो कहता है कि ग्राहक की सहमति 'explicit and affirmative' (स्पष्ट और सकारात्मक) होनी चाहिए।
Importance of informed consumer consent in digital platforms
अंत में, सीसीपीए ने स्पष्ट आदेश दिया है कि उपभोक्ता की सहमति हमेशा 'Informed' (सूचित) और 'Freely given' (स्वैच्छिक) होनी चाहिए। प्राधिकरण ने कहा कि डिफ़ॉल्ट सेटिंग्स या भ्रामक इंटरफेस के माध्यम से प्राप्त की गई सहमति कानूनी रूप से मान्य नहीं है और यह उपभोक्ता कल्याण के विरुद्ध है। एयरलाइन को निर्देश दिया गया है कि वह इन भ्रामक प्रथाओं को स्थायी रूप से बंद करे और भविष्य में सुधार सुनिश्चित करने के लिए एक वचनपत्र (undertaking) दे। Consumer choice must be informed, not manipulated—यही इस पूरी कार्रवाई का मुख्य संदेश है।

.webp)