भोपाल, 26 जुलाई 2026: आम जनता एक विधायक का चुनाव इसलिए करती है ताकि वह विधानसभा में उनकी परेशानियों को सरकार के सामने प्रस्तुत करके निराकरण करवाइए। विधायक के पास केवल यही पावर होती है। बाकी सारे काम तो कोई भी नेता कर सकता है। आईए जानते हैं कि विधानसभा के मानसून सत्र में शिवपुरी जिले के विधायकों ने, जनता के मुद्दे उठाए या नहीं:-
नरवर (भीमपुर) में 2800 मेगावाट का परमाणु बिजली संयंत्र
शिवपुरी जिले की नरवर तहसील में परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Nuclear Power Plant) की स्थापना का मुद्दा सदन में गूँजा। विधायक श्री कैलाश कुशवाहा (पोहरी) ने प्रश्न क्रमांक 935 के माध्यम से सरकार से पूछा कि क्या नरवर के ग्राम गोपलिया, नानकपुर, भीमपुर और टुकी में 2800 मेगावाट का न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित करने हेतु सर्वे किया जा रहा है।
सरकार का जवाब: राजस्व मंत्री ने स्वीकार किया कि न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के पत्र (दिनांक 10/06/2026) के क्रम में समीक्षा बैठक और मौका निरीक्षण किया गया है। सरकार ने बताया कि ग्रामीणों के विरोध की कोई आधिकारिक जानकारी फिलहाल उनके पास नहीं है और विस्थापन की योजना पर अभी विस्तृत विवरण साझा नहीं किया गया है।
सरकुला सिंचाई परियोजना और नहरों का रखरखाव
सरकुला लिफ्ट सिंचाई परियोजना: विधायक श्री देवेन्द्र कुमार जैन ने पोहरी की सरकुला परियोजना के मूल स्वरूप (सेंट्रल स्पिल वे) को बदलकर 'साइड स्पिल वे' करने पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या यह बदलाव तकनीकी गुणवत्ता के आधार पर सही है और क्या इसके लिए ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाई जाएगी।
सरकार का जवाब: जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट द्वारा विस्तार से उत्तर दिया गया:
डिजाइन में बदलाव की स्वीकृति: सरकार ने स्वीकार किया कि परियोजना के मूल स्वरूप (सेंट्रल स्पिल वे) को बदलकर 'साइड स्पिल वे' किया गया है। यह बदलाव सक्षम अधिकारियों द्वारा स्वीकृत है और मुख्य अभियंता (बोधी) भोपाल द्वारा इसकी तकनीकी जांच (Vetting) की गई है।
तकनीकी गुणवत्ता: मंत्री ने स्पष्ट किया कि नया स्वीकृत प्रस्ताव तकनीकी गुणवत्ता और दीर्घकालिक स्थिरता के मामले में मूल प्रस्ताव के समान ही सुदृढ़ है और यह आई.एस. कोड (IS Code) तथा विभागीय तकनीकी सर्कुलर के अनुरूप है।
टर्नकी पद्धति: चूंकि यह अनुबंध 'टर्नकी' (Turnkey) पद्धति पर है, इसलिए निर्माण एजेंसी को विस्तृत सर्वेक्षण के बाद योजना के उद्देश्यों को पूरा करने वाला प्रस्ताव देने का अधिकार था। नियमों के तहत काम होने के कारण किसी भी अधिकारी को दोषी नहीं माना गया है।
कार्य में विलंब और समय-सीमा: परियोजना के निर्माण कार्य में देरी का मुख्य कारण वन एवं पर्यावरण विभाग से अनुमतियां मिलने में हुआ विलंब बताया गया है।
पूर्णता की तिथि: परियोजना को पूरा करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2027 निर्धारित की गई है। सरकार ने आश्वस्त किया कि यदि इस अवधि तक कार्य पूरा नहीं होता है, तो ठेकेदार के विरुद्ध अनुबंध की शर्तों के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था: स्कूलों का उन्नयन
विधायक श्री देवेन्द्र कुमार जैन ने शिवपुरी जिले में शिक्षा के बुनियादी ढांचे पर प्रश्न किया:
स्कूलों का अपग्रेडेशन: उन्होंने पिछले 3 वर्षों में शिवपुरी जिले से प्राथमिक, माध्यमिक और हाई स्कूल के उन्नयन (Upgrade) हेतु भेजे गए प्रस्तावों की जानकारी मांगी। सरकार ने उत्तर दिया कि प्रस्तावों और स्वीकृतियों की सूची विभागीय रिकॉर्ड (पुस्तकालय) में उपलब्ध करा दी गई है।
अवैध गुटखा फैक्ट्री और शराब की बिक्री पर सवाल
करैरा में अवैध गुटखा: विधायक श्री रमेश प्रसाद खटीक ने करैरा विधानसभा के ग्राम टीला में अवैध और नकली गुटखा बनाने वाली फैक्ट्री पकड़े जाने का मुद्दा उठाया। हालांकि, उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा ऐसी कोई फैक्ट्री नहीं पकड़ी गई है और जिले में किसी भी गुटखा फैक्ट्री को लाइसेंस जारी नहीं किया गया है।
पोहरी में अवैध शराब:
विधायक श्री कैलाश कुशवाहा ने पोहरी क्षेत्र में स्वीकृत शराब दुकानों के अतिरिक्त गांवों में अवैध बिक्री और कमीशन पर दुकान खोलने का आरोप लगाया।
सरकार ने लिखित जवाब में इस बात से इनकार किया है कि पोहरी क्षेत्र में स्वीकृत शराब दुकानों के अलावा अन्य गांवों में कमीशन पर अवैध रूप से दुकानें खोलकर शराब बेची जा रही है। सरकार का कहना है कि केवल स्वीकृत दुकानों के माध्यम से ही शराब बेचने की अनुमति है।
नरवर में भू-अभिलेख विसंगति:
विधायक श्री कैलाश कुशवाहा ने नरवर तहसील के ग्राम सिकंदरपुर में वर्ष 1988-89 के बंदोबस्त और नवीन अभिलेखों में भिन्नता के कारण किसानों को हो रही परेशानियों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। हालांकि, राजस्व मंत्री ने रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की भिन्नता से इनकार किया।
कोलारस में औद्योगिक विकास
विधायक श्री महेंद्र रामसिंह यादव ने कोलारस विधानसभा क्षेत्र में उद्योगों के लिए भूमि आवंटन की स्थिति पूछी। सरकार ने बताया कि क्षेत्र में उद्योगों के लिए भूमि चिन्हित करने और उनके आवंटन की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
कुल मिलाकर पोहरी विधानसभा के विधायक श्री कैलाश कुशवाहा सबसे ज्यादा एक्टिव रहे। उन्होंने सबसे ज्यादा सवाल पूछे। शिवपुरी विधानसभा के विधायक श्री देवेंद्र जैन ने केवल दो सवाल पूछे। कोलारस के विधायक श्री महेंद्र सिंह यादव और करैरा विधानसभा के विधायक श्री रमेश प्रसाद खटीक ने केवल एक सवाल पूछा। पिछोर के विधायक श्री प्रीतम सिंह लोधी ने एक बार फिर रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने कोई सवाल नहीं पूछा। उनको अपनी विधानसभा के नागरिकों के लिए सरकार से कुछ नहीं चाहिए।

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