भोपाल में रीवा से आए रिटायर्ड कर्मचारी को दिनदहाड़े लूटा, आठ लाख का गोल्ड

Updesh Awasthee
भोपाल, 13 जुलाई 2026:
भोपाल पुलिस के दामन पर आज फिर एक दाग लग गया। रीवा से आए 71 वर्षीय रिटायर्ड कर्मचारियों को दिनदहाड़े लूट लिया गया। जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया है, बदमाश पेशेवर अपराधी लगते हैं। उनको पता था की ट्रेन से उतरे रिटायर्ड कर्मचारियों के बैग में आठ लाख का गोल्ड है। इस वारदात में एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर भी शामिल हो सकता है। 

भोपाल में रीवा के मोतीलाल पटेल से गोल्ड लूट की घटना का विवरण

पेबल वे सोसायटी निवासी रामनरेश पटेल मूलतः रीवा के रहने वाले हैं और एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं। उनके पिता मोतीलाल पटेल (71) सिंचाई विभाग से रिटायर हैं। मोतीलाल ने बताया कि रविवार सुबह 7:30 बजे वह रेवांचल एक्सप्रेस से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। स्टेशन की सेकंड एंट्री, प्लेटफार्म नंबर-5 की तरफ से उन्होंने पेबल-वे कॉलोनी जाने के लिए ऑटो किया। बाग सेवनिया थाने से कुछ ही दूरी पर ऑटो चालक ने तीन युवकों को बैठा लिया। ऑटो में बैठते ही युवकों ने मोतीलाल का बैग लेकर पीछे रख दिया। उन्होंने आपत्ति जताते हुए बैग वापस देने को कहा। कुछ दूर आगे जाकर मोतीलाल ने बैग खोला तो उसमें रखा ज्वेलरी का डिब्बा गायब था। डिब्बे में उनकी बहू के करीब 8 लाख रुपए कीमत के जेवर थे। उन्हें तीनों युवकों पर संदेह हुआ। इसी दौरान तीनों ऑटो से उतरकर भाग निकले। 

Bhopal Crime: Retired Rewa Employee Robbed of ₹8 Lakh Gold in Broad Daylight

बदमाशों के भागते ही मोतीलाल भी उनके पीछे दौड़े। उन्होंने एक लोडिंग ऑटो चालक से मदद लेकर पीछा किया और यूनियन बैंक के पास बदमाशों को पकड़ लिया। हालांकि, तीनों एक अपार्टमेंट के रास्ते भागने में सफल हो गए। इस दौरान ऑटो चालक भी वहां पहुंच गया था। तीनों बदमाश एक बैग लेकर ऑटो में सवार हुए थे। वारदात के बाद भागते हुए बदमाश सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए हैं। 

पॉइंट टू बी नोटेड
  • मोतीलाल पटेल ट्रेन से आए थे और भोपाल में ऑटो रिक्शा में बैठते ही लूट का शिकार हो गए। मतलब यह एक गैंग है। लुटेरों को पहले से ही किसी ने बता दिया था कि 31 वर्षीय बुजुर्ग के बैग में गोल्ड भरा हुआ है। 
  • यह भी संभव है की पूरी प्लानिंग के साथ ऑटो रिक्शा वाला उनको रेलवे स्टेशन पर रिसीव करने गया हो। क्योंकि जिस तरह से बदमाश ऑटो रिक्शा में सवार हुए, फरार हुए और ऑटो रिक्शा वाले ने उनको पकड़ने की कोशिश नहीं की। यह सब कुछ ऑटो रिक्शा और ड्राइवर को शक के दायरे में लाता है। 
  • मतलब भोपाल शहर में शातिर लुटेरे घूम रहे हैं। आज वह ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों को लूट रहे हैं। इस बात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि कल यही गैंग भोपाल के लोगों को भी लूटने लगेगा। 
गुस्से में हुई अपराधी घटनाएं एक बात है लेकिन यदि इस प्रकार के अपराधी शहर में हैं तो इसका सिर्फ एक मतलब होता है। शहर में पुलिस सक्रिय नहीं है।

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