भोपाल समाचार, 31 जुलाई 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राज्य शासकीय कर्मचारी अधिकार संरक्षण संघ के पूर्व प्रांताध्यक्ष एवं संरक्षक श्री शील प्रताप सिंह पुण्डीर और प्रांताध्यक्ष श्री व्यासमुनि चौबे ने मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंचकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संगठन के इन प्रमुख पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन उनके अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई को सौंपा है। इस ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य राज्य के निर्माण विभागों में कार्यरत कार्यभारित कर्मचारियों (Work-charged employees) के संवर्ग को नियमित संवर्ग में पूर्णतः परिवर्तित कराना है। "Karyabharit Karmachari Niyamitikaran News" के तहत यह एक बड़ी गतिविधि मानी जा रही है क्योंकि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सक्रिय हैं।
Implementation of Pad Vibhedikaran Niti for Regular Cadre Conversion
ज्ञापन के माध्यम से यह मांग की गई है कि राज्य सरकार द्वारा जारी पद विभेदीकरण नीति (Post Differentiation Policy) के अंतर्गत पदों के बीच के भेद को समाप्त करने के नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए। संगठन ने चिंता व्यक्त की है कि शासन द्वारा कार्यभारित संवर्गों को नियमित संवर्ग घोषित करने के निर्देश दिए जाने के बावजूद, कई विभागों द्वारा इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। "Implementation of Pad Vibhedikaran Niti for Karyabharit Sanvarg" सुनिश्चित करने के लिए शासन से अविलंब कार्यवाही की मांग की गई है ताकि इन कर्मचारियों को उनका जायज हक मिल सके।
Government Response and ACS Neeraj Mandloi Assurance on Policy Orders
अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई ने संगठन द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन का गहन अवलोकन किया और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा कार्यभारित संवर्गों को नियमित संवर्ग में परिवर्तित (Convert to Regular Cadre) करने के आदेश पद विभेदीकरण नीति के अंतर्गत पहले ही प्रसारित किए जा चुके हैं। उन्होंने कर्मचारी संगठन को आश्वस्त किया है कि इस मामले में शासन स्तर पर शीघ्र कार्यवाही (Quick Action) सुनिश्चित की जाएगी। "Madhya Pradesh Government Orders for Work-Charged Employees" के संदर्भ में यह आश्वासन कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आया है।
Benefits of Merger: Promotions and Regular Service Perks for Employees
संगठन को पूर्ण विश्वास और संभावना है कि इस आगामी कार्यवाही के बाद सभी कार्यभारित सेवकों का नियमित सेवाओं में संविलयन (Merger) सुनिश्चित हो जाएगा। इस परिवर्तन का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि इन कर्मचारियों को पदोन्नति (Promotion) और नियमित सेवाओं के अंतर्गत मिलने वाले समस्त लाभ प्राप्त होने लगेंगे। "Benefits of Regularization for MP Government Employees" की दिशा में यह एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है, जिससे हजारों परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्राप्त होगी।

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