भोपाल समाचार, 22 सितंबर 2026: मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा मप्र पुलिस सोशल मीडिया गाइडलाइंस 2026 जारी कर दी गई है और पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना द्वारा दिनांक 21 सितंबर 2026 को हस्ताक्षर करने के बाद से लागू हो गई है। सिर्फ 6 पेज की गाइडलाइन है। कोई विशेषज्ञ इसकी अपनी तरीके से समीक्षा करें और आप इनफ्लुएंस हो जाएं, सही और गलत जज करने लगें। इससे बेहतर होगा कि आप खुद पढ़ें। इसलिए हम आपको फ्री डाउनलोड करने के लिए पीडीएफ फाइल भी दे रहे हैं। इसके साथ यह भी बता रहे हैं कि क्या कर सकते हैं और क्या नहीं:-
एमपी पुलिस गाइडलाइंस 2026: क्या कर सकते हैं
- पुलिस विभाग की किसी भी सफलता या उपलब्धि को व्यक्तिगत प्रयास के बजाय पूरे पुलिस बल की सामूहिक उपलब्धि के रूप में ही प्रस्तुत करें।
- शिकायत, जांच या विवेचना के दौरान जहां आवश्यक हो, वहां पीड़ित/साक्षी आदि के चेहरे ब्लर करके और आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के उपरांत ही फोटो या वीडियो शेयर कर सकते हैं।
- सेवा से संबंधित किसी भी शिकायत या समस्या के निवारण के लिए सोशल मीडिया के बजाय अपने वरिष्ठ अधिकारी के समक्ष अपनी बात रखें।
- पुलिस की टैक्टिक्स, फील्ड क्राफ्ट या अन्वेषण तकनीक जैसी जानकारियां केवल सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति से ही साझा की जा सकती हैं।
- वर्दी या ड्यूटी के दौरान बनाई गई पूर्व की ऐसी अनुचित रील या फोटो को तत्काल सोशल मीडिया से हटाएं।
- यदि पूर्व में सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से स्वयं या परिजनों को कोई आय प्राप्त हुई है, तो गाइडलाइन जारी होने के 30 दिनों के भीतर विभाग को विवरण प्रस्तुत करें।
मध्य प्रदेश पुलिस सोशल मीडिया गाइडलाइन 2026: क्या नहीं कर सकते
- फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब आदि पर ड्यूटी के दौरान, वर्दी में या अशोभनीय वेशभूषा में रील, फोटो, वीडियो या ऑडियो क्लिप अपलोड करना पूर्णतः प्रतिबंधित है।
- शासकीय व संवेदनशील दस्तावेजों/जानकारी का स्क्रीनशॉट या स्कैन शेयर न करें। इन्हें ChatGPT, Gemini जैसे AI टूल्स पर अपलोड करना सख्त मना है।
- संवेदनशील ड्यूटी पर रहते हुए दायित्व, कार्यस्थल की जानकारी प्रकट न करें और सोशल मीडिया उपयोग के दौरान लोकेशन व जियो-टैगिंग बंद रखें।
- शासन के पूर्व अनुमोदन के बिना छद्म नाम से प्रोफाइल बनाकर पेड प्रमोशन करना, अकाउंट मॉनेटाइज कराना या किसी व्यक्तिगत व्यवसाय/कंपनी/उत्पाद का प्रचार करना प्रतिबंधित है।
- जाति, धर्म, लिंग या वर्ग के प्रति पक्षपात दर्शाने वाली टिप्पणी, फोटो या AI-जनरेटेड सामग्री पोस्ट न करें और न ही ऐसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया दें।
- अतिविशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा के दौरान फोटो/सेल्फी पोस्ट करना, तथा हथियारों के प्रशिक्षण, ड्रिल, चांदमारी, दबिश आदि के फोटो/वीडियो या लाइव प्रसारण करना पूर्णतः प्रतिबंधित है।
- दुष्कृत्य एवं यौन हिंसा से पीड़ित महिलाओं/बालिकाओं, पोक्सो (POCSO) व किशोर न्याय अधिनियम से संबंधित बच्चों के फोटो, वीडियो या पहचान किसी भी स्थिति में शेयर न करें।
- लंबित मामलों या जारी विवेचना से संबंधित ऐसी जानकारी पोस्ट न करें जिससे विवेचना पर विपरीत प्रभाव पड़े या न्यायालय की अवमानना की स्थिति उत्पन्न हो।
- संदिग्ध या आपराधिक छवि वाले व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें, उन्हें फॉलो/कोलेबोरेट न करें और न ही उनके साथ फोटो/वीडियो साझा करें।
- पुलिस अधिकारियों के परिजनों या मित्रों द्वारा पुलिस यूनिफॉर्म, शासकीय वाहन या अस्त्र-शस्त्रों का उपयोग कर वीडियो/फोटो बनाना मना है।
- किसी विरोध प्रदर्शन का प्रतीक, राजनीतिक पार्टी या संगठन का लोगो/प्रतीक चिन्ह अपनी प्रोफाइल पिक्चर (DP) में न लगाएं।
- व्यक्तिगत अकाउंट के लिए CUG सिम, शासकीय वाई-फाई/IP एड्रेस का उपयोग न करें और न ही व्यक्तिगत मोबाइल में सरकारी अकाउंट लॉगिन करें।
- बिना सीलबंद जब्त हथियारों/सामग्री की फोटो पोस्ट न करें, और न ही शासन की नीतियों, विभाग या वरिष्ठ अधिकारियों/सहकर्मियों की आलोचना करें।
- शासकीय कार्य के दौरान व्यक्तिगत सोशल मीडिया का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है।
MP Police Social Media Guidelines 2026 pdf Download
मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा जारी की गई सोशल मीडिया गाइडलाइंस की पीडीएफ फाइल भोपाल समाचार के टेलीग्राम चैनल (bhopalsamachar1) पर उपलब्ध है। यहां क्लिक करके भोपाल समाचार के टेलीग्राम चैनल पर विजिट कर सकते हैं एवं तत्काल MP Police Social Media Guidelines 2026 pdf Download कर सकते हैं।
स्पेशल नोट: मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी किए गए यह निर्देश मध्य प्रदेश पुलिस के सभी कर्मचारियों पर दिनांक की किस सितंबर 2026 से लागू हो गए हैं। इनका उल्लंघन करने पर, कर्मचारी के खिलाफ विभागीय दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

