भोपाल, 22 सितंबर 2026: मध्य प्रदेश के कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने वाला न्यूज़ पोर्टल bhopalsamachar.com एक बार फिर उपयोगी साबित हुआ है। 22 अगस्त को कर्मचारियों की जिन समस्याओं का प्रकाशन किया गया था, मुख्यमंत्री कार्यालय ने उन सभी बिंदुओं पर, सभी विभागों से जानकारी मांगी है। समीक्षा बैठक के दौरान स्वयं मुख्यमंत्री, कर्मचारियों की समस्याओं एवं विभागों द्वारा किए गए समाधान की समीक्षा करेंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मांगे गए प्रमुख 5 बिंदु:
अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) नीरज मण्डलोई द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, समीक्षा बैठक की तैयारी हेतु सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को नोडल विभाग बनाया गया है तथा सभी विभागों से निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी एवं रोडमैप मांगा गया है:
अनुकंपा नियुक्ति: विभाग, संभाग एवं जिला स्तर पर लंबित प्रकरणों की संख्या, देरी के कारण और नियमों को अधिक युक्तियुक्त बनाने हेतु सुझाव।
पदोन्नति (Promotion): संवर्ग-वार लंबित पदोन्नति प्रकरणों की संख्या, समयसीमा निर्धारण की रणनीति और नीतिगत कठिनाइयों की जानकारी।
सीधी भर्ती: सीधी भर्ती के पूर्व से रिक्त पदों एवं पदोन्नति के बाद खाली हुए पदों पर सीधी भर्ती का स्पष्ट रोडमैप।
अनुशासनात्मक कार्रवाई: तय समयसीमा से अधिक समय से लंबित विभागीय जांच प्रकरणों के कारण और समाधान के उपाय।
पेंशन प्रकरण: सेवानिवृत्ति उपरांत लंबित पेंशन मामलों की संख्या, लंबित रहने के कारण और निराकरण के उपाय।
27 अगस्त को PHE मंत्री के समक्ष उठाई गई प्रमुख मांगें
राज्य शासकीय कर्मचारी अधिकार संरक्षण संघ द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग की मंत्री श्रीमती संपतीया उइके को 5-सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया था। संरक्षक शील प्रताप सिंह पुंडीर एवं प्रांताध्यक्ष व्यास मुनि चौबे के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें शामिल थीं:
दैनिक वेतनभोगियों को स्थाई वर्गीकरण: नियमानुसार पात्र दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थाई वर्गीकृत घोषित करने तथा कार्यपालन यंत्री संधारण खंड भोपाल के विरुद्ध कार्रवाई।
नियमित संवर्ग में परिवर्तन: पदविभेदीकरण नीति की कंडिका 3 के तहत अस्थाई/संविदा कार्यभारित पदों को नियमित संवर्ग पदों में बदलना।
सीपीसीटी (CPCT) की अनिवार्यता समाप्त करना: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए पदोन्नति में नियम विरुद्ध सीपीसीटी की अनिवार्यता समाप्त कर पदोन्नति का लाभ देना।
भर्ती नियमों की विसंगति में संशोधन: कार्यभारित सेवा भर्ती नियमों में समाप्त किए गए पदोन्नति पदों एवं सीधी भर्ती संबंधी विसंगतियों को दूर करना।
उपादान (ग्रेच्युटी) भुगतान में भेदभाव की जांच: भोपाल जोन के अंतर्गत दैनिक वेतनभोगी सेवा अवधि के उपादान भुगतान में हुए भेदभाव की उच्चस्तरीय जांच एवं कार्रवाई।
संगठन के अध्यक्ष व्यास मुनि चौबे, प्रवक्ता शोएब सिद्दीकी एवं प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों (देवीसिंह सनोडिया, कृष्णकांत मिश्रा, प्रणव खरे, दिनेश शिवहरे, बादशाह खान) ने कर्मचारियों के प्रशासनिक व आर्थिक शोषण पर चिंता व्यक्त की थी। मंत्री संपतीया उइके द्वारा दिए गए त्वरित कार्रवाई के निर्देशों के बाद अब मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर पर समीक्षा की तैयारी से कर्मचारियों में न्याय की उम्मीद जागी है।


