भोपाल समाचार सेवा, 18 जुलाई 2026: भारत के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक मौलाना आजाद NIT BHOPAL के हॉस्टल के छात्रों में फूड प्वाइजनिंग की प्रॉब्लम लगातार बढ़ती जा रही है। पैरंट्स ने कलेक्टर तक बात पहुंचाई तो कलेक्टर ने अपनी टीम भेजी। यहां हॉस्टल का किचन एक डस्टबिन जैसा दिखाई दिया, जिसमें मकड़ी के जाले भी लगे हुए थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि RO WATER में संदिग्ध काले रंग के कण पाए गए। मतलब जिस मशीन से पानी शुद्ध होना चाहिए, वही मशीन पानी को दूषित कर रही है।
RO WATER के कारण फूड प्वाइजनिंग?
भोपाल कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मैनिट भोपाल की मेस, रसोईघर, आरओ प्लांट और पानी की टंकियों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद खाद्य सामग्री और पेयजल के नमूने जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान आरओ सिस्टम में गंदगी पाई गई। साथ ही, पेयजल में काले कण दिखाई देने पर पानी के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वैभव फूड्स वाले बिना लाइसेंस के हॉस्टल मेस चला रहे थे
हॉस्टल-9 से तुअर दाल, काबुली चना और पेयजल के नमूने लिए गए। वहीं हॉस्टल-11 से घी, पंपकिन सीड्स, इमली समेत अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल जांच के लिए जब्त किए गए हैं। प्राथमिक जांच में सामने आया कि हॉस्टल-9 में मेस का संचालन करने वाली वैभव फूड्स के पास वैद्य खाद्य लाइसेंस नहीं था। वहीं हॉस्टल-11 में संचालित केटरिंग एजेंसी के पास भी जरूरी राज्य स्तरीय लाइसेंस उपलब्ध नहीं मिला।
हॉस्टल का रसोईघर डस्टबिन जैसा लग रहा था
निरीक्षण के दौरान मेस कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, स्वास्थ्य रिकॉर्ड, फूड हैंडलर्स के प्रशिक्षण से जुड़े दस्तावेज और पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं पाए गए। रसोईघर में गंदगी, मकड़ी के जाले और साफ-सफाई की गंभीर कमी भी अधिकारियों ने दर्ज की।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी खाद्य पदार्थों और पानी के नमूने राज्य प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत संबंधित संस्था और मेस संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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