शिक्षा समाचार डेस्क, 7 जुलाई 2026: कोचिंग सेंटर 10वीं 12वीं के बच्चों के लिए हो या फिर UPSC, SSC, PSC इत्यादि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए, प्रत्येक कोचिंग सेंटर में कुछ पेरेंट्स के सपने बैठे होते हैं। उनकी शिक्षा और सुरक्षा के लिए पेरेंट्स अपनी सारी सेविंग्स खर्च कर देते हैं, यहां तक की लोन भी लेते हैं। लखनऊ की कोचिंग में अपने बच्चों का एडमिशन करवाने वाले किसी भी पेरेंट्स ने नहीं सोचा होगा कि उसका बच्चा जिंदा जल जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ। इसलिए, हम आपको बता रहे हैं कि किसी भी कोचिंग सेंटर में अपने बच्चों का एडमिशन करवाने से पहले चेक करें कि इन 20 नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। यदि नहीं तो आपके बच्चे की जान को खतरा हो सकता है:-
कोचिंग सेंटर में सुरक्षा के नियम: प्रशासन, पत्रकार और जनप्रतिनिधि चेक करें
- भवन में फिक्स फायर सिस्टम स्थापित है या नहीं।
- पानी की क्षमता कम से कम 10,000 लीटर है या नहीं।
- भवन में 2 स्थान पर इमरजेंसी गेट है या नहीं।
- भवन में ऑटोमेटिक लॉक डोर तो नहीं है।
- कहीं कोचिंग क्लास बेसमेंट में तो नहीं लगती।
- भवन में ऑटोमेटिक डिटेक्शन सिस्टम है या नहीं।
- भवन में स्थापित सभी फायर सिस्टम ऑटो मोड पर है या नहीं।
- प्रत्येक तीन माह में मॉक ड्रिल का आयोजन होता है या नहीं।
- बच्चों को फायर सेफ्टी के बारे में जागरूक किया जाता है या नहीं।
- विद्यार्थियों के लिए फ्यूम मॉस्क उपलब्ध हैं या नहीं।
- भवन का बेसमेंट यदि 200 वर्गमीटर से अधिक है तो स्प्रिग्लर्स है या नहीं।
- सभी स्टॉफ को फायर एक्टिग्यूशर चलाने की ट्रेनिंग मिल गई है या नहीं।
- सिक्योरिटी गार्ड को हाईडेंट सिस्टम चलाने की ट्रेनिंग मिल गई है या नहीं।
- भवन में एक्जिट साइन चस्पा है या नहीं।
- भवन में निर्गम एरिया (EXIT) में कोई भी इलेक्ट्रिक उपकरण एवं पैनल तो नहीं है।
- फायर पंप एवं डिटेक्शन सिस्टम, डीजी सेट से बायपास लाइन से कनेक्ट है या नहीं।
- डीजी सेट, रिफ्यूज एरिया अथवा गेट पर स्थापित तो नहीं कर दिया।
- भवन से धुआं बाहर निकलने के लिए प्रकृतिक वेंटीलेशन है या नहीं।
- लेटेस्ट फायर ऑडिट (12 महीने से पुराना नहीं होना चाहिए) है या नहीं।
- भवन या परिसर का लेटेस्ट इलेक्ट्रिक सेफ्टी सर्टिफिकेट है या नहीं।
भारतीय संस्कृति में मंगल की बात करना तो दूर अमल का विचार करना भी निषेध माना जाता है लेकिन हाल ही में हुई घटनाओं ने सुरक्षा के इंतजामों की चिंता करना अत्यंत अनिवार्य बना दिया है। यदि किसी कोचिंग सेंटर में अच्छा शिक्षक नहीं है तो संभव है आपके बच्चे का केवल भविष्य खराब होगा लेकिन यदि सिक्योरिटी सिस्टम नहीं है, तो इस बात की संभावना है कि आपका अच्छा बच्चा, किसी हादसे का शिकार हो जाए और भविष्य में आपके साथ नहीं होगा।

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