भोपाल, 7 जुलाई 2026: शहर के ऐशबाग में रहने वाले 600 परिवारों की जान खतरे में है। हाउसिंग बोर्ड द्वारा बनाए गए उनके मकान जर्जर हो गए हैं। प्रशासनिक लापरवाही के कारण वर्षाकाल से पहले कोई कार्रवाई नहीं की गई और अब नेतागिरी शुरू हो गई है। नतीजा 600 परिवारों की जान अभी भी खतरे में है। यदि आज मूसलाधार बारिश हो जाए तो कोई गारंटी नहीं दे सकता कि इनका क्या होगा।
कारवाई हाउसिंग बोर्ड के खिलाफ होनी चाहिए थी, कलेक्टर ने पब्लिक को नोटिस दीजिए
मामला हाउसिंग बोर्ड द्वारा ऐशबाग में बनाए गए आवासीय क्षेत्र का है। नियम के अनुसार मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड को, जर्जर हो चुके भवन दोबारा बनाने के लिए, खाली करवाना चाहिए था और जब तक प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो जाता तब तक सभी को किराया देना चाहिए था, ताकि वह आसपास किसी दूसरे मकान में किराए पर रह सकें। हाउसिंग बोर्ड ने ऐसा नहीं किया। न्याय के सिद्धांत के अनुसार हाउसिंग बोर्ड की संपत्ति अधिकारी और उसके बयान के आधार पर अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए थी परंतु कलेक्टर ने ऐसा नहीं किया बल्कि 600 परिवारों को घर खाली करने का डायरेक्ट ऑर्डर दे दिया।
नेताजी ने खतरे में डाल दिया लेकिन पब्लिक खुश है
नरेला विधानसभा से चुनाव की तैयारी कर रहे कांग्रेस नेता श्री मनोज शुक्ला को जैसे ही पता चला, वह तत्काल पहुंच गए और पॉलिटिक्स शुरू कर दी। पब्लिक को लेकर सीधे कलेक्टर के पास पहुंच गए और बुलडोजर की कार्रवाई को रुकवा दिया। ना तो हाउसिंग बोर्ड वालों के पास गए और ना ही हाउसिंग बोर्ड वालों को बुलाकर कलेक्टर के साथ कोई मीटिंग करवाई। 600 परिवार इस बात पर खुश है कि नेताजी ने भरी बरसात में बुलडोजर की कार्रवाई रुकवा दी। जबकि वास्तव में सभी 600 परिवारों की जान खतरे में है। यदि अचानक मौसम खराब हो गया तो जान का खतरा बढ़ जाएगा और यदि जान बचा भी ली तो संपत्ति का भारी नुकसान होगा।

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