भोपाल समाचार की खबर का असर: रोड ब्लॉक करके बैठे किसानों के लिए मुख्यमंत्री का निवेदन

Updesh Awasthee
भोपाल, 29 जुलाई 2026:
मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भोपाल की सड़कों को ब्लॉक करके बैठे हुए किसानों से निवेदन किया है कि, ऐसा कोई काम ना करें जिसके कारण जनता को परेशानी हो। उन्होंने कहा कि किसानों से बात करने के लिए हमने समिति का गठन कर दिया है, इसमें कई मंत्री और अधिकारी हैं। हम किसानों की समस्या का हल निकालने की दिशा में काम कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि भोपाल समाचार डॉट कॉम दोनों पक्षों का ध्यान इस तरफ दिलाया था। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट भी कई बार इस प्रकार के मामले में जजमेंट दे चुके हैं। 

हम बातचीत के ज़रिए इस समस्या का समाधान निकालेंगे: डॉ मोहन यादव

राजधानी भोपाल में किसानों के विरोध-प्रदर्शन पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, "हम किसानों के लिए पूरे राज्य में 'कृषि कल्याण वर्ष' मना रहे हैं। हम कई कदम उठा रहे हैं। मैंने किसानों से जुड़े मामले पर एक समिति बनाई है। यह समिति किसानों से बात करेगी। इस समिति में मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री के अलावा, कैबिनेट मंत्री, राकेश सिंह विश्वास सारंग, मंत्री कृष्णा गौर एवं कई प्रमुख अधिकारियों को शामिल किया गया है। कल हमने राज्य के कृषि मंत्री को भेजा था। आज भी मंत्री और अधिकारी बातचीत करेंगे। सरकार किसानों के लिए सकारात्मक सुझावों का समर्थन करती है। लेकिन दोनों पक्षों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इससे आम जनता को परेशानी न हो। हम बातचीत के ज़रिए इस समस्या का समाधान निकालेंगे। 

कृषि मंत्री का किसानों को आश्वासन और संवाद 

इससे पहले कल, 28 जुलाई को कृषि मंत्री श्री ऐदल सिंह कंसाना ने किसान संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। बैठक के दौरान मंत्री ने किसानों की मांगों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनकी जायज मांगों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने किसानों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार और किसान एक-दूसरे के सहयोगी हैं और उनका मुख्य उद्देश्य किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाना है। कृषि विभाग के सचिव श्री निशांत बड़वाड़े की उपस्थिति में हुई इस बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। 

केंद्र सरकार से 8.06 लाख मीट्रिक टन खरीदी की मांग 

मूंग खरीदी के संकट को हल करने के लिए कृषि मंत्री ने केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को एक औपचारिक पत्र लिखा है। इस पत्र में उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश को मात्र 4.54 लाख मीट्रिक टन मूंग उपार्जन का लक्ष्य दिया गया है, जो राज्य की बंपर पैदावार को देखते हुए अपर्याप्त है। मंत्री ने संशोधित प्रस्ताव भेजकर मांग की है कि इस लक्ष्य को बढ़ाकर 8.06 लाख मीट्रिक टन (कुल उत्पादन का 40 प्रतिशत) किया जाए। 

आंकड़ों में मूंग उत्पादन की स्थिति 

मंत्री द्वारा केंद्र को भेजे गए आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष मध्यप्रदेश में:
क्षेत्रफल: लगभग 14.30 लाख हेक्टेयर में ग्रीष्मकालीन मूंग की बुवाई हुई है।
कुल अनुमानित उत्पादन: लगभग 20.16 लाख मीट्रिक टन होने की संभावना है।
पंजीकृत किसान: उपार्जन के लिए 3.47 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है।
वर्तमान स्थिति: वर्तमान लक्ष्य कम होने के कारण अब तक मात्र 82 हजार किसान ही अपनी फसल बेच पाए हैं। 

समाधान की ओर बढ़ते कदम राज्य सरकार का तर्क है कि यदि केंद्र सरकार प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत लक्ष्य में बढ़ोतरी नहीं करती है, तो किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पूरा लाभ मिलना संभव नहीं होगा। मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री दोनों ने विश्वास व्यक्त किया है कि केंद्र के साथ समन्वय और गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही खरीदी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाया जाएगा।

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