भोपाल, 15 जुलाई 2026: सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों की एक कॉमन मेंटालिटी होती है। वह अपने रिटायरमेंट फंड को किसी ऐसी जगह पर इन्वेस्ट करना चाहते हैं जहां पर इन्वेस्टमेंट सुरक्षित रहे और प्रॉफिट भी ज्यादा हो। बस यही मानसिकता भोपाल में करोड़पति दंपति की हत्या का कारण बन गई। जिस प्रॉपर्टी डीलर पर विश्वास किया था उसी ने गोली मार दी।
Bhopal Crorepati Couple Murder Solved, Retirement Investment Allegedly Turned Fatal
यह मामला सुदामा नगर कॉलोनी में रहने वाले दंपती हेमंत फिलेमोन और शकुंतला बारीक फिलेमोन के अंधे कत्ल का है। वारदात के करीब 20 दिन बाद पुलिस ने दो प्रॉपर्टी डीलरों- श्रीकांत चिंचलिया (40) और शशिकांत चिंचलिया (35) को गिरफ्तार किया है। दोनों सगे भाई हैं। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि श्रीकांत चिंचलिया और शशिकांत चिंचलिया लंबे समय से इस बुजुर्ग दंपती के बेहद करीबी और विश्वासपात्र बने हुए थे। उन्होंने विश्वास दिला दिया था की प्रॉपर्टी खरीद कर कुछ समय बाद बेचने पर अच्छा मुनाफा मिलता है। यह प्रॉफिट शेयर मार्केट, बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट या किसी भी प्रकार के इन्वेस्टमेंट से बहुत ज्यादा होता है। दोनों भाई उनकी संपत्तियों की खरीद-फरोख्त का काम देखते थे।
कुछ समय पहले दोनों ने इटारसी में दंपती का एक प्लॉट बिकवाया था। आरोप है कि इसी दौरान दस्तावेज तैयार करते समय आरोपियों ने चालाकी से दानपत्र तैयार करा लिया। इस दानपत्र में लिखा था कि दंपती की मृत्यु के बाद उनकी सुदामा नगर स्थित करोड़ों की संपत्ति इन दोनों आरोपियों के नाम ट्रांसफर कर दी जाए।
प्रॉपर्टी डीलरों ने दंपति की हत्या क्यों की
आरोपियों को उम्मीद थी कि दंपती की स्वाभाविक या वक्त के साथ होने वाली मौत के बाद करोड़ों का मकान उनका हो जाएगा, लेकिन हाल ही में खेल बिगड़ गया। बुजुर्ग दंपती ने अचानक अपना सुदामा नगर वाला मकान बेचने का फैसला कर लिया और इसका सौदा भी लगभग तय हो गया था। आरोपियों को समझ आ गया कि यदि मकान बिक गया तो उनके द्वारा बनवाए गए दानपत्र की कोई वैल्यू नहीं रह जाएगी और करोड़ों की प्रॉपर्टी हाथ से निकल जाएगी। इसी घबराहट और लालच में आकर आरोपियों ने दंपती की गोली मारकर हत्या करने की खौफनाक साजिश रच डाली।

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