आलीराजपुर: बरसात में बढ़ जाता है मौत का खतरा, लेकिन अधिकांश लोगों को बचा सकते हैं: डॉ राजेश अतुलकर

Updesh Awasthee
आलीराजपुर।
वर्षा ऋतु के दौरान सर्प दंश की घटनाओं की वृद्धि की संभावनाओं को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश अतुलकर ने आमजन की जागरुकता के लिए एक आवश्यक एडवाइजरी की है। 

बरसात का मौसम हरियाली लेकर आता है, लेकिन इसके साथ सांपों के निकलने की घटनाएं भी तेजी से बढ़ जाती हैं। खेतों, जंगलों, घरों और यहां तक कि सोते समय भी सांप के डंस की घटनाएं सामने आती हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि दुनिया में सांप के काटने से होने वाली सबसे अधिक मौतें भारत में होती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में हर वर्ष लगभग 58 से 64 हजार लोगों की मौत सांप के डंस से होती है। यह दुनिया में होने वाली कुल मौतों का लगभग 80 प्रतिशत है। मध्य प्रदेश भी सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल है और अलीराजपुर जैसे आदिवासी एवं वन क्षेत्रों में जोखिम और अधिक माना जाता है 

पिछले साल आलीराजपुर जिले में सर्प दंश के 186 केस आते थे । मृत्यु संख्या जीरो थी

बरसात में क्यों बढ़ जाता है खतरा?

बरसात के दौरान बिलों में पानी भर जाने से सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में घरों, खेतों और बस्तियों की ओर निकल आते हैं। यही कारण है कि जून से सितंबर के बीच सबसे अधिक घटनाएं होती हैं।
सांप काटते ही क्या करें?
  • घबराएं नहीं, मरीज को शांत रखें।
  • काटे हुए अंग को कम से कम हिलाएं।
  • तुरंत 108 एंबुलेंस बुलाएं।
  • बिना समय गंवाए नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचें।
  • इलाज का एकमात्र प्रभावी तरीका एंटी स्नेक वेनम (ASV) है।
  • ये गलतियां कभी न करें
  • झाड़-फूंक के भरोसे समय बर्बाद न करें।
  • रस्सी या टूर्निकेट न बांधें।
  • घाव को काटने, चूसने या जलाने की कोशिश न करें।
  • घरेलू नुस्खों पर भरोसा न करें।
  • अंधविश्वास नहीं, इलाज जरूरी
कई लोगों की मौत सांप के जहर से कम और इलाज में हुई देरी के कारण अधिक होती है। इसलिए सबसे पहले अस्पताल पहुंचना ही जीवन बचाने का सबसे सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीका है।

सरकार भी दे रही है सहायता

मध्य प्रदेश में सांप के काटने से मृत्यु होने पर पात्र परिवार को ₹4 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके लिए अस्पताल का रिकॉर्ड, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य आवश्यक दस्तावेज जरूरी होते हैं।

अलीराजपुर में कहां मिलेगी सुविधा?

जिला अस्पताल अलीराजपुर सहित जोबट, भाभरा, सोंडवा, उदयगढ़, कट्ठीवाड़ा और अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

बरसात में अपनाएं ये सावधानियां

  • रात में टॉर्च लेकर निकलें।
  • मजबूत जूते पहनें।
  • घर और आसपास झाड़ियां साफ रखें।
  • जमीन पर सोने से बचें, मच्छरदानी का उपयोग करें।
  • बच्चों को सांप से दूर रहने की सीख दें।

याद रखें...
सांप का डंस खतरनाक जरूर है, लेकिन समय पर अस्पताल पहुंचने से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है। एक सही फैसला किसी परिवार की खुशियां बचा सकता है।
जनहित में संदेश
"झाड़-फूंक नहीं, तुरंत उपचार। अंधविश्वास नहीं, वैज्ञानिक इलाज अपनाएं। आपकी सतर्कता ही किसी की जिंदगी बचा सकती है।" रिपोर्ट: नवीन सेन।

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