MP स्कूल शिक्षा ट्रांसफर नियम: ऐसा जाल जिसमें फंसकर हजारों शिक्षक फड़फड़ा रहे हैं

Updesh Awasthee
भोपाल, 23 जून 2026:
मध्य प्रदेश का स्कूल शिक्षा विभाग सबको समान रूप से प्रताड़ित करता है, फिर चाहे वह विद्यार्थी हो, शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी हो, अतिथि शिक्षक हो या फिर नियमित शिक्षक, किसी के साथ भेदभाव नहीं होता। आजकल ट्रांसफर का माहौल चल रहा है तो शिक्षकों को ऐसे प्रताड़ित किया जा रहा है, जैसे कोई बाबा मनोकामना पूरी करवाने के लिए चील का... और भालू का... मांगता है। 

MP School Education Transfer Rules: The Policy Trap Leaving Thousands of Teachers Struggling

यह वाला मामला विवाहित शिक्षकों का है। पति-पत्नी को एक ही स्थान पर नियुक्त करने का प्रावधान है। स्कूल शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड में शिक्षक अथवा महिला शिक्षक, विवाहित दर्ज है। इसमें उनके जीवनसाथी का नाम भी दर्ज है लेकिन जैसे ही स्कूल शिक्षा विभाग के ट्रांसफर पोर्टल पर आते हैं तो पता चलता है कि, डिपार्टमेंट सब कुछ भूल गया है। पोर्टल कहता है कि यदि विवाहित हो तो मैरिज सर्टिफिकेट अपलोड करो। इसके कारण कई शिक्षक आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि तबादला नीति में कहीं भी मैरिज सर्टिफिकेट अनिवार्य नहीं बताया गया था। इसके बावजूद पोर्टल पर विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र अपलोड करने की शर्त आ रही है। कई शिक्षकों के पास यह दस्तावेज नहीं है, क्योंकि इसकी पहले कभी जरूरत नहीं पड़ी। आवेदन की अंतिम तारीख 24 जून होने से उनकी चिंता और बढ़ गई है। 

शिक्षकों को कई प्रकार से अयोग्य किया गया

शासकीय शिक्षक संगठन का कहना है कि 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता, जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षकों पर रोक और तीन साल की सेवा अवधि जैसी शर्तों के कारण पहले ही बड़ी संख्या में शिक्षक तबादला प्रक्रिया से बाहर हो चुके हैं। अब पोर्टल की तकनीकी समस्याओं ने बाकी शिक्षकों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।

6 पॉइंट्स में समझिए टीचर्स की प्रमुख दिक्कतें

पति-पत्नी आधार पर आवेदन करने वालों से मैरिज सर्टिफिकेट मांगा जा रहा है।
दिव्यांग शिक्षकों से एक साल के भीतर बना दिव्यांगता प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है। पुराने स्थायी प्रमाण पत्र मान्य नहीं किए जा रहे।
पारस्परिक (म्युचुअल) तबादले में कई शिक्षकों के नाम पोर्टल पर दिखाई नहीं दे रहे।
दूसरे जिले में तबादला चाहने वाले शिक्षकों को सभी जिलों के विकल्प नहीं मिल रहे।
प्रयोगशाला शिक्षक की योग्यता रखने वाले कई शिक्षकों को संबंधित पदों के विकल्प नहीं दिख रहे।
मॉडल, उत्कृष्ट, सांदीपनि और पीएमश्री स्कूलों के पदों के विकल्प भी कई शिक्षकों को नहीं मिल रहे हैं।

म्युचुअल ट्रांसफर में आ रही तकनीकी दिक्कत

रामप्रकाश सिंह और उनकी पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी हैं। वे पति-पत्नी आधार पर तबादला चाहते हैं, लेकिन पोर्टल पर मैरिज सर्टिफिकेट मांगा जा रहा है। उनका कहना है कि सर्विस बुक में पति-पत्नी की पूरी जानकारी दर्ज रहती है, फिर अलग से विवाह प्रमाण पत्र मांगने का औचित्य क्या है।

जबलपुर के प्राथमिक शिक्षक दीपक शरणागत पारस्परिक तबादला (म्यूचुअल ट्रांसफर) करना चाहते हैं। लेकिन, जिन शिक्षक के साथ वे तबादला करना चाहते हैं, उनका नाम पोर्टल पर नहीं आ रहा। इससे उनका आवेदन पूरा नहीं हो पा रहा है। 

पिछले दरवाजे से जनगणना वाले शिक्षकों को भी ट्रांसफर हो रहे हैं 

वहीं दूसरी तरफ पिछले दरवाजे से जनगणना की ड्यूटी में लगे हुए शिक्षकों के भी ट्रांसफर हो रहे हैं। ऐसे शिक्षक तहसीलदार की तरफ से NOC लेकर आ रहे हैं। तहसीलदार द्वारा अनापत्ति करने के बाद मजे से ट्रांसफर हो रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग में जिन शिक्षकों की ट्रांसफर प्रशासनिक आधार पर हुए हैं, उनके लिए कोई नियम लागू नहीं हुआ। यहां तक की खुद प्रशासन को नहीं पता, प्रशासनिक आधार पर कितने ट्रांसफर हो गए।

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