राजनीति में विरोध अच्छी बात है, सरकार की नीतियों की आलोचना भी होनी चाहिए, लेकिन जब कोई जनता को जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद इत्यादि के नाम पर भड़काने का प्रयास करें, मध्य प्रदेश को डिवाइड करने का प्रयास करे, तो उसे राजनीति नहीं अपराध कहेंगे। राजनीति में कुछ बदमाशों का गिरोह आजकल इंदौर में बौद्धिक उपद्रव मचा रहा है। मध्य प्रदेश के गौरव, सम्मान और अभिमान इंदौर के लोगों को कुंठित मानसिकता से ग्रसित करने की कोशिश कर रहा है। इसके बारे में बात तो करनी पड़ेगी।
जिसको घर वालों ने निकाल दिया उस पर हम विश्वास कैसे करें
राजनीति दो प्रकार से होती है। एक - स्वयं को अपने प्रतिस्पर्धी से अधिक योग्य, ईमानदार, सक्रिय और जनता के प्रति समर्पित साबित करो। दो - जातिवाद, क्षेत्रवाद इत्यादि का सहारा लेते हुए लोगों को भड़काने का प्रयास करो। आंकड़ों को तोड़ मरोड़ कर पेश करो और फिर जनता से कहो - आपका अपमान हुआ है, आपके साथ अन्याय हुआ है। ऐसा करने से आपका नाम हेडलाइंस में तो आ जाता है लेकिन पप्पू पास नहीं हो पाता, और फिर जिस नेता को उसकी ही विधानसभा की जनता ने फेल कर दिया हो। उसके ऊपर कैसे विश्वास कर सकते हैं कि वह पूरे राज्य की जनता के हित में विचार कर रहा होगा। यदि योग्य, ईमानदार, सक्रिय और जनता के प्रति समर्पित होता तो पास नहीं हो जाता।
अब मूल मुद्दे की बात:-
पिछले कुछ दिनों से इंदौर की जनता को भड़काने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ तर्क और आंकड़े प्रस्तुत किए जा रहे हैं। इंदौर को यह नहीं मिला, इंदौर को वह नहीं मिला, सब कुछ इंदौर से छीना जा रहा है। यह बात उस इंदौर को बताई जा रही है जो हर मामले में मध्य प्रदेश का नेतृत्व कर रहा है। सवाल बड़ा सरल है, क्या केवल इंदौर का विकास करना है, पूरे मध्य प्रदेश का विकास नहीं करना। क्या इंदौर के लोग इतने छोटे हैं कि, स्वयं को मालवा से अलग कर लेंगे। इंदौर मध्य प्रदेश का एकमात्र विकसित शहर है। अब इंदौर के आसपास के जिलों की बारी है। परीक्षा के दिनों में साइकिलिंग करने वाले, हैंडसम नेता जी को कोई जाकर बताइए, डेवलपमेंट होरिजेंटल नहीं वर्टिकल फैलता है।
सबसे बड़ी बात यह है कि जो नेता इंदौर की जनता को भड़का रहा है, क्या उसके बयानों का मतलब यह नहीं है कि विकास केवल इंदौर में होना चाहिए, क्या वह मध्य प्रदेश का शत्रु है, उसे मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में विकास होता अच्छा नहीं लगता? निश्चित रूप से यह उसकी कुंठा भरी आवाज है, यह इंदौर की आवाज नहीं हो सकती क्योंकि, मेरे इंदौर के लोग कभी इतना छोटा नहीं सोच सकते।

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