सरकारी कर्मचारियों खातिर बड़ी खुशखबरी, अव्यवहृत उपार्जित अवकाश का कंफ्यूजन दूर

Updesh Awasthee
नई दिल्ली, 19 जून 2026:
सरकारी कर्मचारियों के लिए सरकार ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और राहत भरी घोषणा की है। अव्यवहृत उपार्जित अवकाश (Earned Leave - EL) के बदले नकद भुगतान का लाभ मामले में 2005 से जो कन्फ्यूजन चल रहा था, उसको दूर कर दिया है। कार्रवाई में भले ही देरी हुई हो लेकिन कर्मचारियों को नुकसान नहीं हुआ है क्योंकि वित्त विभाग का आदेश 1 अप्रैल 2005 से लागू किया गया है।

Big Good News for Government Employees, Long-Standing Confusion Over Unused Earned Leave Finally Cleared

पिछले काफी समय से विभिन्न विभागों के बीच छुट्टी के बदले नकद भुगतान (leave encashment) की सीमा को लेकर भ्रम बना हुआ था। विशेष रूप से उन मामलों में जहाँ कर्मचारी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) या अन्य विशेष परिस्थितियों में पद छोड़ रहे थे। अब वित्त विभाग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है कि सेवानिवृत्ति का प्रकार चाहे जो भी हो, कर्मचारियों को 300 दिन का नगद भुगतान होगा। यदि कर्मचारी के पास 300 से अधिक उपार्जित अवकाश जमा हैं, तब भी उन्हें अधिकतम 300 दिनों का ही नकद भुगतान प्राप्त होगा। 

Maximum 300 Days Earned Leave Encashment for Bihar Civil Servants Effective from 2005

विभाग द्वारा जारी स्पष्टीकरण के अनुसार, 300 दिनों की यह नई सीमा 1 अप्रैल 2005 से प्रभावी (effective) मानी जाएगी। उल्लेखनीय है कि अब तक केवल वार्धक्य सेवानिवृत्ति (Superannuation Retirement) के मामलों में ही 300 दिनों का लाभ मिल रहा था, जबकि अन्य स्थितियों में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को केवल 180 दिनों के ईएल (EL) के बराबर ही पैसा दिया जा रहा था। इस नए स्पष्टीकरण के बाद अब 2005 के बाद सेवानिवृत्त हुए सभी पात्र कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सकेगा। 

Bihar Finance Department Clarification on Leave Encashment Rules and 1984 Guidelines

वर्तमान में वार्धक्य सेवानिवृत्ति के अलावा अन्य मामलों, जैसे कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति या विशेष परिस्थितियों में, भुगतान के लिए वर्ष 1984 में जारी मार्गदर्शी सिद्धांतों (guidelines) का पालन किया जा रहा था। इसी पुराने प्रावधान के कारण स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले या निलंबन जैसी स्थिति में रिटायर होने वाले कर्मचारियों को केवल 180 दिनों की छुट्टी का ही पैसा मिल पा रहा था। सरकार के इस ताजा फैसले से अब उन विसंगतियों को दूर कर दिया गया है जो दशकों पुराने नियमों के कारण बनी हुई थीं। 

History of Earned Leave Encashment Limits for Bihar State Government Employees 

बिहार में छुट्टियों के बदले नकद भुगतान की व्यवस्था का इतिहास काफी पुराना है। सबसे पहले वर्ष 1978 में इसे केवल वार्धक्य सेवानिवृत्ति के लिए लागू किया गया था। इसके बाद जुलाई 1984 में स्वैच्छिक और अनिवार्य सेवानिवृत्ति सहित अन्य श्रेणियों को भी इसमें शामिल किया गया, लेकिन तब सीमा केवल 180 दिन थी। केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप दिसंबर 1986 में इसे बढ़ाकर 240 दिन किया गया और अंततः अप्रैल 2005 में इसे 300 दिन कर दिया गया। अब वित्त विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि यह 300 दिनों की अधिकतम सीमा सभी प्रकार की सेवानिवृत्ति पर समान रूप से लागू होगी।

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