भोपाल, 16 जून 2026: भारत में मिशन 2047 चल पड़ा है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी ने टारगेट सेट किया है कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है तो दूसरी तरफ मुजाहिदीन का मिशन है कि 2047 तक भारत में इस्लामी राज कायम करना है। यह जानकारी ATS द्वारा गिरफ्तार किए गए कोचिंग टीचर मोहम्मद फराज ने पूछताछ के दौरान दी।
दसवीं के बच्चों को फ्री कोचिंग के नाम पर मुजाहिदीन बनाता था
पड़ोसियों के लिए फराज एक बेहद साधारण और सम्मानित व्यक्ति था, जो अपनी पत्नी के साथ कक्षा 1 से 10 तक के बच्चों को कोचिंग देता था और हर मंगलवार को कुरान का पाठ भी कराता था। वह भोपाल के एक क्लिनिक में कंपाउंडर के रूप में भी काम करता था। हालांकि, जांचकर्ताओं का कहना है कि उसके मोबाइल फोन के अंदर एक अलग ही दुनिया मौजूद थी, जहां वह आर्थिक रूप से कमजोर और सामाजिक रूप से अलग-थलग युवाओं को चरमपंथी विचारधारा (extremist views) अपनाने के लिए उकसाता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद से क्लिनिक का मालिक भी परिसर बंद कर लापता हो गया है।
फराज का प्रमोशन हो गया था, ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान जाना था
फराज से पूछताछ के आधार पर, एमपी एटीएस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद से नईम कुरैशी को गिरफ्तार किया है। सुरक्षा एजेंसियों ने उसे इस पूरे मामले का 'मास्टरमाइंड' और सीनियर ऑपरेटिव बताया है। नईम पर आरोप है कि वह विदेशी तत्वों को संवेदनशील जानकारी भेज रहा था और फराज को ट्रेनिंग देकर उसे अफगानिस्तान भेजने की योजना बना रहा था। मतलब मोहम्मद फराज मुजाहिदीन विचारधारा के लिए माध्यमिक शिक्षा के रूप में सफल हो चुका था और प्रमोशन हेतु ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान जाने वाला था। जांच में पता चला है कि आरोपी विदेशी हैंडलर्स से बात करने के लिए Botim app का इस्तेमाल करते थे और उत्तर प्रदेश के कई शहरों के फोटो और वीडियो पाकिस्तान भेज रहे थे।
PFI Mission 2047 document details and goals for political power
जांच के दौरान 'मिशन 2047' (Mission 2047 document) से जुड़े चौंकाने वाले दस्तावेज बरामद हुए हैं, जो प्रतिबंधित संगठन PFI (Popular Front of India) से संबंधित बताए जा रहे हैं। इस दस्तावेज में कहा गया है कि 2047 तक मुस्लिम समुदाय को वह राजनीतिक शक्ति वापस दिलानी है जो ब्रिटिश शासन के दौरान उनसे छीन ली गई थी। इसमें तर्क दिया गया है कि यदि कुल मुस्लिम आबादी का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा भी PFI के साथ एकजुट हो जाता है, तो वे भारत में "इस्लाम की महिमा" (glory of Islam in India) को बहाल कर सकते हैं।
मोहम्मद फराज, मोहम्मद खालिद की कहानी से मोटिवेट हुआ
इस नेटवर्क की रणनीति बेहद खतरनाक थी। फराज ने खुलासा किया कि उन्हें लोगों के बीच डर पैदा करने और निर्देश मिलने पर टारगेटेड किलिंग्स (targeted killings) करने का निर्देश दिया गया था। सदस्यों को पासपोर्ट तैयार रखने के लिए कहा गया था ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें किसी तीसरे देश के रास्ते मिल्टेंट ट्रेनिंग (militant training) के लिए पाकिस्तान भेजा जा सके। आरोपी नईम कुरैशी ने फराज को खालिद सैफुल्ला की कहानी सुनाकर उसके रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया था। खालिद मूल रूप से पाकिस्तान का रहने वाला था और आतंकवादी संगठन लश्करे तैयबा में सीनियर कमांडर की पोजीशन पर था। भारत में कई आतंकवादी घटनाओं में उसकी भागीदारी बताई गई थी। इसलिए मोस्ट वांटेड था। मई 2025 में पाकिस्तान के सिंध प्रांत में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद आतंकवादी संगठनों में उसको "शहीद" बोला जाने लगा।
CM Mohan Yadav statement on extremist ideology and sleeper cells in MP
इस पूरे घटनाक्रम के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने पुलिस मुख्यालय में एक बैठक के दौरान कहा कि सरकार राज्य में चरमपंथी विचारधारा या आतंकी मंसूबों को पनपने नहीं देगी और "बिलों में छिपे सांपों" को जड़ से उखाड़ फेंकेगी। एटीएस का मानना है कि यह नेटवर्क एक स्लीपर सेल (sleeper cell) की तरह काम कर रहा था और कई राज्यों में फैला हुआ है। अब तक इसके उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा में सक्रिय होने की जानकारी मिल चुकी है। जिस तरह से डाटा कलेक्शन किया गया था, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में किसी बड़ी घटना की साजिश का हिस्सा लगता है। फिलहाल एजेंसियां इस नेटवर्क की पूरी गहराई तक जाने के लिए डिजिटल सबूतों और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं।

