दमोह, 17 मई 2026: IES Public School in Tendukheda, Damoh में पिटाई के कारण कक्षा 3 में पढ़ने वाले एक बालक की मृत्यु हो गई। उसको दमोह के अलावा जबलपुर में चिरायु अस्पताल, अपोलो अस्पताल और फिर एम्स भोपाल में इलाज के लिए भर्ती किया गया परंतु किसी भी अस्पताल के डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा पाए। पुलिस अधीक्षक के मामले की जांच के लिए SIT गठित कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारण का खुलासा हो पाएगा।
Class 3 Student Dies After Alleged Beating at IES Public School, AIIMS Bhopal Fails to Save Him
प्राथमिक सूचना के अनुसार, मृतक छात्र काव्य, दामोदर नामदेव का बेटा था और तेंदूखेड़ा स्थित आईईएस पब्लिक स्कूल में कक्षा तीसरी का छात्र था। परिजनों का आरोप है कि 19 फरवरी को स्कूल की महिला शिक्षक देवेंद्री ठाकुर ने कॉपी सही तरीके से नहीं लिखने पर बच्चे के हाथ-पैरों में डंडों से बेरहमी से मारपीट की थी। घर पहुंचने पर काव्य ने रोते हुए मां से कहा था, “मम्मी... मैडम ने बहुत मारा।” परिजनों के अनुसार बच्चे के शरीर पर चोट के निशान भी दिखाई दिए थे।
19 फरवरी की घटना, इलाज के लिए कई अस्पतालों में भटके
परिवार का आरोप है कि अगले दिन स्कूल पहुंचकर शिकायत करने के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके बाद काव्य की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। पहले उसे तेंदूखेड़ा अस्पताल ले जाया गया, फिर गंभीर हालत में जबलपुर के चिरायु अस्पताल रेफर किया गया। वहां सुधार नहीं होने पर उसे अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह करीब 12 दिन तक बेहोशी की हालत में रहा। बाद में 10 मार्च को उसे भोपाल एम्स में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान वे लगातार पुलिस और प्रशासन के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें संतोषजनक कार्रवाई नहीं मिली। उनका आरोप है कि तेंदूखेड़ा थाने में एफआईआर तो दर्ज की गई, लेकिन शिकायत के अनुरूप गंभीर धाराएं नहीं लगाई गईं।
गुस्साए परिजन देर रात शव लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गए
बच्चे की मौत के बाद गुस्साए परिजन देर रात शव लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गए और एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच की मांग करने लगे। सूचना मिलते ही शनिवार सुबह कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से चर्चा कर वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अब एसआईटी के माध्यम से कराई जाएगी। साथ ही डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
छात्र पहले से मिर्गी और मानसिक दौरे जैसी बीमारी से पीड़ित था: स्कूल संचालक
इधर, आईईएस पब्लिक स्कूल के संचालक विक्रम सिंह ने कहा कि आरोपी महिला शिक्षक को घटना के तुरंत बाद स्कूल से हटा दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि स्कूल प्रबंधन लगातार परिवार के संपर्क में था और आर्थिक सहायता भी दी गई। हालांकि उन्होंने गंभीर मारपीट के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि छात्र पहले से मिर्गी और मानसिक दौरे जैसी बीमारी से पीड़ित था।
अब पूरे जिले की नजर एसआईटी जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है। मामला केवल एक बच्चे की मौत का नहीं, बल्कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और जिम्मेदारी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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