भोपाल, 18 अप्रैल 2026 : शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दायर की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस कदम का शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने स्वागत किया है। पदाधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस फैसले का हम स्वागत करते हैं। संघ इस मामले में उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए तैयार है। उनका यह निर्णय लाखों शिक्षकों को आत्मबल प्रदान करेगा।
Teacher Unions Welcome CM’s Initiative, React to Review Petition in Supreme Court Against TET
इस मामले को लेकर राज्य शिक्षक संघ के अमित शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन के लिए गई है। अगर मध्यप्रदेश की सरकार हमारे पक्ष में निर्णय लाती है तो निश्चित तौर पर हम सरकार के साथ हैं। हम उसके इस निर्णय का स्वागत करते हैं। अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन के लिए संगठन की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्वागत करता हूं। शिक्षक संघ के पदाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल की है, मैं उसका स्वागत करता हूं। यह अच्छी बात है। एक अन्य पदाधिकारी ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल कर हमारा साथ दिया है। हम कदम से कदम मिलाकर सरकार के साथ चलने को तैयार हैं।
— Adhiraj Awasthi (@AdhirajOnline) April 18, 2026
क्या कहा है सुप्रीम कोर्ट ने
बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को एक निर्णय पारित किया था। इसमें सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता का उल्लेख किया गया है। निर्णय अनुसार ऐसे शिक्षक जिनकी सेवा अवधि 1 सितंबर 2025 को 5 वर्ष से अधिक शेष है और पात्रता परीक्षा पास नहीं है, उन्हें परीक्षा में सम्मिलित होने के निर्देश हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय निर्णय के पैरा-216 अनुसार ऐसे शिक्षक जिनकी सेवा में 5 वर्ष से कम समय शेष है, यदि भविष्य में वे पदोन्नति चाहते हैं तो उन्हें भी पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक होगा अन्यथा पदोन्नति की पात्रता नहीं होगी।
मुख्यमंत्री से मिला आश्वासन
यह फैसला आने के बाद प्रदेश के लाखों शिक्षकों के सामने संकट खड़ा हो गया है। इसे लेकर शिक्षक संगठनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात भी की थी। संगठनों के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से होने वाली गंभीर समस्याओं से भी अवगत कराया था। इस पर सीएम डॉ. यादव ने भी संगठनों को आश्वासन दिया था कि सरकार हर कदम पर उनके साथ है। किसी भी शिक्षक के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा।

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