भोपाल, 4 अप्रैल 2026: मध्य प्रदेश के विकास पथ पर एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताते हुए घोषणा की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-46 के इटारसी-बैतूल सेक्शन में 22 किमी लंबे 'टाइगर कॉरिडोर' को फोर-लेन बनाने के लिए 758 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह परियोजना न केवल क्षेत्र की 'तस्वीर' बदलेगी, बल्कि यहां की 'तकदीर' को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
Big Claim by CM Mohan Yadav: New Project to Change Fate of Itarsi and Betul
प्रकृति और प्रगति का बेजोड़ संगम इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता आधुनिक विकास और वन्यजीव संरक्षण के बीच का संतुलन है। वन्यजीवों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, यहाँ 11 विशेष अंडरपास और ओवरपास बनाए जाएंगे। इससे सतपुड़ा और रातापानी जैसे वन्यजीव इलाकों में सड़क दुर्घटनाओं में भारी कमी आएगी और हमारे बाघ सुरक्षित रूप से सड़क पार कर सकेंगे।
आर्थिक तरक्की को मिलेगी 'चार गुना' रफ्तार
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया है कि इस फोर-लेन के निर्माण से क्षेत्रीय विकास की गति चार गुना बढ़ जाएगी। इस क्षेत्र के लाभ इस प्रकार हैं:
खनिज संपदा का दोहन: कोयला, तांबा, ग्रेफाइट और सीसा-जस्ता जैसे प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों वाले इस क्षेत्र में माल ढुलाई आसान और तेज होगी।
किसानों के लिए वरदान: खेती-किसानी के इस बड़े केंद्र में अब किसानों की पहुंच मंडियों और बड़े बाजारों तक सुगम हो जाएगी।
पर्यटन को बढ़ावा: माधव नेशनल पार्क, रातापानी और सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व में इको-टूरिज़्म को नई ऊर्जा मिलेगी।
उत्तर से दक्षिण का सीधा जुड़ाव: इस 22 किमी के अंतिम हिस्से के अपग्रेड होते ही पूरा ग्वालियर-बैतूल कॉरिडोर फोर-लेन में तब्दील हो जाएगा। यह हाईवे आगे नागपुर को जोड़ते हुए उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा, जिससे यात्रा का समय घटेगा और पहाड़ी इलाकों में सफर अधिक सुरक्षित होगा।

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