भोपाल, 16 अप्रैल 2026: पुलिस की लापरवाही की सजा आम जनता को भुगतना पड़ती है। भोपाल के डाक कर्मचारी श्री अजय सक्सेना की कहानी यही साबित करती है। श्री सक्सेना भोपाल में रहते हैं लेकिन बैतूल पुलिस ने उनकी बाइक का चालान काट दिया। भोपाल में पुलिस मुख्यालय है लेकिन पुलिस ने श्री सक्सेना की कोई मदद नहीं की। उनको स्थिति स्पष्ट करने बैतूल जाना पड़ा।
Bhopal Bike Fined in Betul: Postal Employee Shocked as Police Fail to Help
श्री अजय सक्सेना भोपाल के करोंद क्षेत्र के रहने वाले हैं। भारतीय डाक विभाग में पोस्टमैन के पद पर पदस्थ हैं। दिनांक 10 अप्रैल की दोपहर 12:11 बजे उनके मोबाइल पर चालान का मैसेज आया तो वह हैरान रह गए, क्योंकि उस वक्त वह अपनी बाइक के साथ भोपाल में ही थे। मैसेज मिलने के बाद अजय ने सबसे पहले भोपाल में निशातपुरा थाने में शिकायत दी। हालांकि, पुलिस ने मामला अपने क्षेत्र का न होना बताकर उन्हें लौटा दिया। भोपाल में पुलिस मुख्यालय है लेकिन श्री अजय सक्सेना को बैतूल तक जाना पड़ा। आजकल सुप्रीम कोर्ट में भी ऑनलाइन हाजिरी लगने लगी है लेकिन बैतूल पुलिस ने खुद आकर लिखित शिकायत दर्ज करने के लिए कहा। श्री सक्सेना बैतूल गए, ट्रैफिक पुलिस थाने में लिखित शिकायत दी। फिर पुलिस ने कहा कि ठीक है हम देखते हैं, मिल जाएगा तो मामला दर्ज कर लेंगे।
दरअसल, हुआ ऐसा है कि श्री अजय सक्सेना के नंबर वाली एक बाइक बैतूल में घूम रही है। बताने की जरूरत नहीं कि उस बाइक पर फर्जी नंबर डाला हुआ है। 10 अप्रैल को जब ऑनलाइन चालान हुआ और बाइक चलाने वाले ने पीओएस मशीन से फाइन जमा किया तो SMS जनरेट हो गया और आरटीओ रिकॉर्ड में जिसके नाम बाइक दर्ज है, उसके मोबाइल पर डिलीवर हो गया। यदि पुलिस चालान काटते समय, मोटर वाहन की ओनरशिप भी चेक कर ले तो ऐसी बहुत सारी चोरी की गाड़ियां पकड़ी जा सकेंगी।

