भोपाल, 1 मार्च 2026 : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो ट्रेन के नाम पर लोगों को प्रताड़ित किया जाने लगा है। गौतम नगर में एक रास्ता पूरी तरीके से बंद कर दिया। लोगों को हाई कोर्ट तक जाना पड़ा। मनमानी देखिए कि भोपाल मेट्रो वालों ने हाईकोर्ट में भी झूठ बोल दिया। जब पकड़ा गया तो माफी मांगने लगे। न्यायाधीश ने चेतावनी दी है कि अगली बार झूठ बोला तो जेल भेज देंगे।
Bhopal Metro Accused of Blocking Road and Misleading Court; Judge Warns of Jail
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में श्रीनिवास अग्रवाल, सुदेश अग्रवाल और राजेश अग्रवाल ने याचिका दाखिल की थी। उन्होंने बताया था कि वह गौतम नगर में रहते हैं और भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 6 के पास चल रहे हैं मेट्रो निर्माण के काम के कारण उनका रास्ता पूरी तरीके से ब्लॉक कर दिया गया है। जो प्रॉब्लम एक छोटे से फोन कॉल पर सॉल्व हो जानी चाहिए थी, उसके लिए लोगों को हाई कोर्ट तक जाना पड़ा। हाई कोर्ट ने भोपाल मेट्रो मैनेजमेंट को नोटिस जारी किया। मैनेजमेंट ने यहां पर भी गलती नहीं मानी बल्कि हाई कोर्ट में हलफनामा देकर झूठ बोल दिया कि रास्ता क्लियर कर दिया गया है।
लोगों को हाई कोर्ट को बताना पड़ा, भोपाल मेट्रो वाले झूठ बोल रहे हैं। रास्ता अभी भी ब्लॉक है। तब हाई कोर्ट ने भोपाल कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी। जब कलेक्टर की टीम मौके पर देखने गई तब पता चला कि, लोगों को निकालने के लिए सिर्फ 4 फीट की जगह दी गई थी। जब कैरेक्टर की टीम पहुंची तो लगभग 10 फीट का रास्ता दिया गया। हाई कोर्ट के विद्वान न्यायाधीश श्री विशाल मिश्रा ने भोपाल मेट्रो के जनरल मैनेजर श्री हरिओम शर्मा को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में तलब किया और चेतावनी दी कि यदि इस तरह का झूठा हलफनामा पेश किया गया तो आपको जेल भेज दिया जाएगा। इस दौरान भोपाल मेट्रो की ओर से माफी मांगी गई और झूठा कल्पना में वापस लिया गया।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि, जो प्रॉब्लम कलेक्टर लेवल पर सॉल्व हो जानी चाहिए थी, उसके लिए लोगों को हाई कोर्ट तक क्यों जाना पड़ा। यह मामला केवल भोपाल मेट्रो का नहीं बल्कि भोपाल में मेट्रो के नाम पर मनमानी का है। मेट्रो के खिलाफ कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। एक छोटे से रास्ते के लिए लोगों का हाई कोर्ट जाना पड़ रहा है।

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