भोपाल समाचार, 2 फरवरी 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी में गणतंत्र दिवस समारोह के ठीक 1 दिन पहले दिनांक 25 जनवरी को हाई सिक्योरिटी के बावजूद बिना नंबर की गाड़ियों से भोपाल में घुसकर रीवा के कुलदीप सिंह के हाथ पांव तोड़ देने वाले हथोड़ा गैंग का सरगना सचिन कुशवाह को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने पुलिस को बताया कि क्यों उसमें रीवा से भोपाल आकर कुलदीप सिंह पर हमला किया था।
दोनों पार्टियों रीवा की तो फिर भोपाल में हमला क्यों किया
रीवा के चोरहटा थाना क्षेत्र निवासी कुलदीप सिंह जेल में बंद था और हाल ही में जमानत पर बाहर निकाला था। अवैध खदान को लेकर कुलदीप सिंह का सचिन कुशवाह के साथ पुराना विवाद चल रहा था। कुलदीप बाहर निकल आया तो वह अवैध खदान के लिए फिर से संघर्ष करने वाला था। इससे पहले भोपाल में अपनी गर्लफ्रेंड और मंगेतर से मिलने के लिए कोलार आया था। सचिन कुशवाह ने इसे एक अच्छा मौका माना। जब गर्लफ्रेंड के सामने मारेंगे तो हमेशा के लिए डरेगा या फिर रीवा वापस ही नहीं आएगा। इसलिए दो गाड़ियों में भरकर सचिन के साथ पवन कुशवाहा, राहुल कुशवाहा, प्रवीण कुशवाहा, कुलदीप कुशवाहा, प्रांजल पाठक, सूरज, अनिल, अखिलेश और साकेत भोपाल आए और जब कुलदीप सिंह अपनी गर्लफ्रेंड को लेकर घूमने जा रहा था उसी समय उसको घर कर उस पर हमला कर दिया। यही कारण है कि भोपाल में हाई सिक्योरिटी ब्रेक करने की रिस्क ली गई।
भोपाल पुलिस की सिक्योरिटी पर सवाल तो अब भी रहेगा
भले ही पुलिस ने सचिन कुशवाह और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया हो, लेकिन भोपाल पुलिस की सिक्योरिटी पर सवाल तो बना रहेगा। बात इसलिए भी गंभीर है क्योंकि भोपाल न केवल मध्य प्रदेश की राजधानी है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में भारत का एक संवेदनशील शहर है। कई अंतरराष्ट्रीय और आतंकवादी गैंग के सदस्य भोपाल से पकड़े जाते रहे हैं। पाकिस्तान के स्लीपर सेल भी पकड़े जा चुके हैं। ऐसी स्थिति में गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर रीवा के गुंडे बदमाश भोपाल की सिक्योरिटी ब्रेक कर देते हैं, यह बड़ा सवाल है और किसी सचिन कुशवाह को गिरफ्तार करके, इस जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता।

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