भोपाल समाचार, 4 फरवरी 2026: मध्य प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार की नीति पर सवाल तो पहले से ही उठते आए हैं आज नियत पर भी सवाल उठ गया। जब पूरे देश में UGC Regulations 2026 को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है, तब उन्होंने एक ऐसा सर्कुलर जारी कर दिया जिसके कारण मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, सामान्य वर्ग के टारगेट पर आ गए। मंत्री महोदय ने स्पष्टीकरण जारी किया है लेकिन सवाल यह बनता है कि जब विवाद हो ही रहा है तो फिर इस तरह का कंफ्यूज करने वाला सर्कुलर जारी करने की जरूरत क्या थी। पूछना तो पड़ेगा कि उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, मध्य प्रदेश में क्या करवाना चाहते हैं?
UGC Regulations को लेकर वर्तमान माहौल
UGC Regulations 2026 को लेकर वर्तमान में माहौल काफी तनावपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट ने UGC Regulations पर रोक लगा दी है लेकिन मध्य प्रदेश में इसके खिलाफ लगातार प्रदर्शन चल रहे हैं। प्रदर्शनकारी UGC Regulations को ROLLBACK करने की मांग कर रहे हैं। सिर्फ विद्यार्थी और उनके पेरेंट्स ही नहीं बल्कि श्री मनोज श्रीवास्तव और नियाज खान जैसे बुद्धिमान रिटायर्ड आईएएस ऑफीसर्स भी UGC Regulations को अनुचित और तनाव पैदा करने वाला बता रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने भी कहा है कि देश को बांटने वाला कोई भी नहीं हम लागू नहीं होना चाहिए।
उच्च शिक्षा मंत्रालय ने क्या किया है
मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग मंत्रालय द्वारा दिनांक 2 फरवरी 2026 को सभी सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों के प्रिंसिपल्स, समस्त 19 यूनिवर्सिटीज के कुल सचिव और मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के सचिव के नाम एक सर्कुलर जारी किया जिसमें लिखा है कि, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (छात्रों की शिकायतों का निवारण) विनियम, 2023 के अनुसार लोकपाल द्वारा विद्यार्थियों की शिकायतों के निवारण एवं विश्वविद्यालय द्वारा आवश्यक कार्यवाही करें। सर्कुलर में क्या लिखा है, यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं लेकिन मुद्दे की बात यह है कि दिनांक 2 फरवरी 2026 को, वीरन सिंह भलावी, अवर सचिव म.प्र. शासन, उच्च शिक्षा विभाग भोपाल के हस्ताक्षर से जारी हुआ और इसकी विधिवत जानकारी उच्च शिक्षा मंत्री को दी गई।
पब्लिक ने क्या रिएक्शन दिया
भारत में विवाद UGC Regulations 2026 को लेकर है लेकिन तनाव की स्थिति इतनी अधिक है कि लोग "UGC Regulations" सुनते ही मुर्दाबाद की स्थिति में आ जाते हैं। ऐसी स्थिति में जब मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग मंत्रालय द्वारा UGC Regulations को लेकर सर्कुलर जारी हुआ तो स्वाभाविक रूप से विरोध होने लग गया। सोशल मीडिया पर बात आगे बढ़ती है तो आग की तरह भड़क जाती है। इसलिए बात का बतंगड़ भी बन गया।
उच्च शिक्षा मंत्री का स्पष्टीकरण
मध्य प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंद्र सिंह परमार ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि, हमने UGC Regulations 2026 को लेकर कोई सर्कुलर जारी नहीं किया बल्कि UGC Regulations 2023 को लेकर जागरूकता के लिए एक सर्कुलर जारी किया है। नीचे X पर जारी किया गया बयान आप खुद भी पढ़ सकते हैं।
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 02/02/2026 को विद्यार्थियों की शिकायतों के निवारण को लेकर जारी दिशा-निर्देशों के सम्बन्ध में, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पूर्णतः भ्रामक, तथ्यहीन एवं असत्य पोस्ट/ट्वीट के सम्बंध में वस्तुस्थिति..
— इन्दरसिंह परमार (@Indersinghsjp) February 4, 2026
कुछ सोशल मीडिया हैंडल पर उच्च शिक्षा विभाग के द्वारा जारी… pic.twitter.com/YB6JvoWrxa
मंत्री महोदय, यह सर्कुलर जारी करने की जरूरत क्या थी
मेरा सवाल केवल इतना सा है कि, UGC Regulations 2026 को लेकर जब विवाद की स्थिति बनी हुई है और सुप्रीम कोर्ट अपने स्पष्ट कर दिया है कि मामले का निपटारा होने तक UGC Regulations 2012 के अनुसार शिकायतों का निवारण किया जाएगा। तो फिर UGC Regulations 2023 को लेकर सर्कुलर जारी करने की क्या जरूरत थी। कॉलेज कैंपस में एडमिशन के टाइम जागरूकता अभियान अच्छे लगते हैं, परीक्षा से पहले इस तरह का सर्कुलर जागरूकता के लिए था या किसी और काम के लिए। सवाल तो पूछना पड़ेगा कि, मध्य प्रदेश में क्या करवाना चाहते हैं?

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