नई दिल्ली, 18 फरवरी 2026: माननीय सर्वोच्च न्यायालय में मध्य प्रदेश के ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) से संबंधित प्रकरणों पर आज एक महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति अलौका आराधे की खंडपीठ (कोर्ट नंबर 6) ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के मामलों का हवाला देकर प्रकरणों को ट्रांसफर कराए जाने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।
छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के मामलों में कोई समानता नहीं: वरिष्ठ अधिवक्ता
सुनवाई के दौरान जब सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से छत्तीसगढ़ के मामलों के साथ समानता पर सवाल किया, तब वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के प्रकरणों में कोई समानता नहीं है,। उन्होंने कोर्ट को बताया कि:
• छत्तीसगढ़ में सरकार ने अनुसूचित जनजाति (ST) का आरक्षण बढ़ाया था, जिसकी वैधानिकता पर बिलासपुर हाईकोर्ट अपना निर्णय दे चुका है।
• इसके विपरीत, मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को 14% से बढ़ाकर 27% करने की संवैधानिकता पर हाईकोर्ट ने अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है और न ही इस कानून पर कोई स्टे (Stay) दिया गया है।
13% पदों को 'होल्ड' रखने पर गंभीर आपत्ति
अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर और वरुण ठाकुर ने कोर्ट का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि मध्य प्रदेश सरकार ने 29 सितंबर 2022 के एक नोटिफिकेशन के माध्यम से नियम विरुद्ध तरीके से 13% ओबीसी और 13% सामान्य वर्ग के पदों को होल्ड कर दिया है। इस विसंगति के कारण पिछले 7 वर्षों से मामले लंबित हैं और हजारों चयनित उम्मीदवार अपनी नियुक्तियों का इंतजार कर रहे हैं।
कल होगी प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई
वरिष्ठ अधिवक्ता के निवेदन पर माननीय न्यायालय 'होल्ड' किए गए पदों के संबंध में दायर आई.ए. (Interim Application) पर कल, दिनांक 19 फरवरी 2026 को वरीयता (Priority) के आधार पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया है। कल की बहस का मुख्य केंद्र पदों को 'अनहोल्ड' करने और सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के कारण पैदा हुई विसंगतियों को दूर करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने पर होगा। उपरोक्त जानकारी अधिवक्ता श्री रामेश्वर सिंह ठाकुर ने दी।
सुप्रीम कोर्ट ने 18 फरवरी 2026 को हुई सुनवाई के बाद यह निर्देश दिया कि इस मामले को अगले दिन, यानी 19 फरवरी 2026 को फिर से सूचीबद्ध (List) किया जाए। अदालत ने यह स्पष्ट किया है कि कल की सुनवाई केवल T.C. (C) No. 7 of 2025 में दायर I.A. No. 45426 of 2025 पर विचार करने के लिए होगी। सूत्रों के अनुसार, यह विशिष्ट आवेदन (IA No. 45426/2025) 'स्टे हटाने' (Vacating Stay) से संबंधित है।

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