भोपाल समाचार, न्यू नॉलेज डिपार्मेंट, 16 जनवरी 2026: करीब 10 साल पहले तक बृहस्पति ग्रह में ऑक्सीजन की मात्रा बहुत कम थी लेकिन The Planetary Science Journal में प्रकाशित एक न्यू स्टडी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बृहस्पति के वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा में चौंकाने वाली वृद्धि हुई है। बृहस्पति ग्रह पर इतनी मात्रा में ऑक्सीजन इससे पहले कभी नहीं पाई गई। यह स्टडी शिकागो यूनिवर्सिटी और Jet Propulsion Laboratory के वैज्ञानिकों द्वारा संयुक्त रूप से की गई है।
बृहस्पति और ऑक्सीजन - पृष्ठभूमि
गैस से भरे हुए इस विशाल गृह में ऑक्सीजन की मात्रा दशकों से वैज्ञानिकों के बीच डिबेट का सब्जेक्ट रही है। वैसे ब्रह्मांड में ऑक्सीजन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है परंतु बृहस्पति के वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा को लेकर हमेशा बहस होती रही है। हालांकि ज्यादातर वैज्ञानिक यह मानते आए हैं कि बृहस्पति के वायुमंडल में जितनी भी ऑक्सीजन है लेकिन वह सूर्य के वायुमंडल में मौजूद ऑक्सीजन की मात्रा से बहुत कम है। अब तक यही माना जाता रहा है।
बृहस्पति ग्रह के नवीन अध्ययन में क्या पता चला
Jeehyun Yang (postdoctoral researcher at UChicago and the first author of the study, published in The Planetary Science Journal) ने बताया कि बृहस्पति के वायुमंडल में ऑक्सीजन की सटीक मात्र सिर्फ एक वैज्ञानिक जिज्ञासा से कहीं ज्यादा है। इसके आधार पर हम पता लगा सकते हैं कि बृहस्पति का निर्माण कैसे हुआ और पूरे सौरमंडल का विकास कैसे हुआ। ऑक्सीजन पानी के निर्माण का एक प्रमुख तत्व है। ऑक्सीजन की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता, इस बात की संभावना को जन्म देती है कि यह ग्रह हम मनुष्यों के रहने योग्य हो सकता है। Jeehyun Yang ने बताया कि यह एक आश्चर्यजनक और सुखद जानकारी है कि हमारे अध्ययन में, बृहस्पति के वायुमंडल में सूर्य की तुलना में डेढ़ गुना अधिक ऑक्सीजन पाई गई है।
बृहस्पति के रहस्य NASA भी पता नहीं कर पाया था
Jeehyun Yang बताते हैं कि बृहस्पति के वायुमंडल का अध्ययन करना एक चुनौती पूर्ण काम है क्योंकि इस ग्रह की सतह को घने बादलों द्वारा ढक लिया जाता है। The Great Red Spot एक ऐसा तूफान जिसका आकार पृथ्वी से दोगुना है और इसी प्रकार का खतरनाक मौसम, खगोलविदों को बृहस्पति के रहस्य जानने से रोक देता है। NASA’s Galileo spacecraft भी बृहस्पति ग्रह के वायुमंडल के अंदर की गहराई नापने में सफल नहीं हो पाया था।
पिछले कुछ समय से बृहस्पति ग्रह की तरफ से गुड न्यूज़ आ रही है और पॉजिटिव स्थिति बन रही है। Juno spacecraft बृहस्पति की परिक्रमा करते हुए वायुमंडल के ऊपर की परत की संरचना पर मूल्यवान जानकारी दी है जिसमें बताया है कि बृहस्पति ग्रह के वायुमंडल में ammonia, methane, and carbon monoxide गैसों की पर्याप्त मात्रा है। इस जानकारी के बाद भी शिकागो यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों को बृहस्पति ग्रह का अध्ययन करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा।
बृहस्पति का भारतीय संस्कृति और ज्योतिष में महत्व
भारतीय ज्योतिष में बृहस्पति को एक ऐसा ग्रह माना गया है जिसे मनुष्य के जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है। यह ग्रह मनुष्य के बिजनेस, नौकरी और संतान को प्रभावित करता है। भारतीय संस्कृति में बृहस्पति को देवताओं का गुरु माना गया है। बृहस्पतिवार के दिन, बृहस्पति ग्रह को अपने अनुकूल करने के लिए व्रत एवं उपवास का प्रावधान है। देवताओं के गुरु बृहस्पति की कृपा प्राप्त करने के लिए भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। भारतीय वर्ण व्यवस्था में बृहस्पति ब्रह्म तत्व के प्रतिनिधि हैं। रिपोर्ट: उपदेश अवस्थी।

