भोपाल : मंगलवार, जनवरी 20, 2026 - वर्ल्ड इकोनामिक फोरम–2026 के पहले दिन दावोस में मध्यप्रदेश ने ग्लोबल इन्वेस्टमेंट, Innovation and sustainable development के एजेंडे पर काम करते हुए बड़ी मजबूती से अपना पहला कदम रखा। राज्य सरकार के प्रतिनिधि मंडल ने तकनीक, नवकरणीय ऊर्जा, एआई, आईटी, कृषि-खाद्य, पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्रों में वैश्विक कंपनियों व संस्थानों के साथ Intensive dialogue कर मध्यप्रदेश को एक उभरते हुए भरोसेमंद और फ्यूचर रेडी इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में प्रस्तुत किया।
Discussion with Shiru company on AI-based protein innovation
वर्ल्ड इकोनामिक फोरम–2026 के दौरान दावोस में मध्यप्रदेश सरकार और एआई आधारित प्रोटीन नवाचार में अग्रणी कंपनी शिरू (Shiru) के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
मध्यप्रदेश के प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह ने शिरू की सीईओ एवं संस्थापक डॉ. जैस्मिन ह्यूम से विस्तृत संवाद किया।
चर्चा का फोकस एआई-संचालित प्रोटीन नवाचार, कृषि-आधारित इनपुट्स और अनुप्रयुक्त अनुसंधान पर रहा।
शिरू द्वारा अपने एआई आधारित प्रोटीन खोज एवं डिज़ाइन प्लेटफॉर्म की जानकारी साझा की गई, जिससे उद्योगों के लिए सीधे उपयोग योग्य उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन अवयव विकसित किए जाते हैं।
कंपनी के पोर्टफोलियो में लगभग 77 प्रतिशत प्राकृतिक प्रोटीन शामिल होने की जानकारी दी गई।
शिरू के पास तकनीक लाइसेंसिंग, वैश्विक स्तर पर विस्तार योग्य एवं पूंजी-कुशल उत्पादन मॉडल की मजबूत क्षमता।
खाद्य क्षेत्र में एआई आधारित प्रोटीन नवाचारों के व्यापक उपयोग पर विशेष चर्चा।
सौंदर्य प्रसाधन एवं स्वास्थ्य क्षेत्रों में भी प्रोटीन आधारित समाधानों के संभावित उपयोगों पर विचार-विमर्श।
कंपनी के वैश्विक व्यावसायिक नेटवर्क और साझेदारी-आधारित मॉडल पर चर्चा, जिसमें यूरोपीय संघ, कनाडा, लैटिन अमेरिका, एशिया (थाईलैंड सहित) और भारत प्रमुख बाजार।
शिरू की सीईओ द्वारा मध्यप्रदेश की सुदृढ़ कृषि व्यवस्था में विशेष रुचि प्रदर्शित की गई।
राज्य के विश्वविद्यालयों एवं कृषि अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग की संभावनाओं पर सहमति बनी।
फसल-आधारित प्रोटीन इनपुट्स की पहचान एवं विकास पर ज्वाइंट वेंचर पर करने पर सहमति हुई।
मध्यप्रदेश को अनुप्रयुक्त अनुसंधान, पायलट परियोजनाओं और भविष्य के उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित करने पर चर्चा हुई।
आगामी कार्य योजना में उपयुक्त विश्वविद्यालयों एवं अनुसंधान संस्थानों की पहचान, फसल उपलब्धता का आंकलन तथा पायलट एवं कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग के अवसरों की तलाश संबंधी समीक्षा की गई।
वाणिज्यिक एवं अनुसंधान साझेदारी को आगे बढ़ाने हेतु आगामी बैठकों पर सहमति हुई।
यह पहल नवाचार-आधारित निवेश आकर्षित करने और कृषि-खाद्य एवं जीवन विज्ञान क्षेत्र में मध्यप्रदेश की भूमिका को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
दावोस में नवकरणीय ऊर्जा भंडारण पर अमारा राजा समूह से चर्चा हुई।
वर्ल्ड इकॉनॉमिक फोरम (WEF)–2026 के दौरान दावोस में मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल और अमारा राजा समूह के बीच नवकरणीय ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण पर अहम चर्चा हुई।
बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला एवं अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव ने अमारा राजा समूह के सह-संस्थापक, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर श्री जय गल्ला से संवाद किया।
चर्चा का केंद्र नवकरणीय ऊर्जा का एकीकरण, ऊर्जा भंडारण और बैटरी आधारित उन्नत समाधानों पर रहा।
अमारा राजा समूह ने मध्यप्रदेश में ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं की प्रगति को लेकर जानकारी प्राप्त की।
अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव ने बताया कि मुरैना (उत्तरी मध्यप्रदेश) में एक प्रमुख बैटरी स्टोरेज परियोजना संचालित है।
मुरैना बैटरी स्टोरेज परियोजना से शाम के पीक अवर्स में 2 घंटे तथा तड़के सुबह 2 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
राज्य द्वारा 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा उपलब्ध कराने की दीर्घकालिक रणनीति साझा की गई।
एकीकृत बैटरी स्टोरेज समाधानों के माध्यम से 24×7 सौर ऊर्जा उत्पादन की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
भविष्य की सभी नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की योजना स्टोरेज घटकों के साथ तैयार किए जाने की जानकारी दी गई।
इस रणनीति को राज्य की प्रगतिशील नवकरणीय ऊर्जा नीति का समर्थन प्राप्त है।
ऊर्जा भंडारण तकनीकों में विविधता लाने हेतु पंप स्टोरेज नीति तैयार किए जाने की जानकारी दी गई।
पंप स्टोरेज परियोजनाओं को लेकर निजी डेवलपर्स के साथ संवाद जारी है।
हाइब्रिड ऊर्जा मॉडल जैसे जल विद्युत–सौर तथा तापीय–सौर संयोजन की संभावनाओं का भी मूल्यांकन।
हाइब्रिड मॉडलों की लागत संरचना एवं तकनीकी पहलुओं पर अध्ययन किए जाने पर सहमति।
दोनों पक्षों ने परियोजनाओं से संबंधित विस्तृत आंकड़ों के आदान-प्रदान पर सहमति व्यक्त की।
ऊर्जा भंडारण एवं उन्नत बैटरी समाधानों में संभावित सहयोग के अवसर तलाशने के लिये निरंतर संवाद बनाए रखने पर सहमति बनी।
यह बैठक स्वच्छ ऊर्जा रोडमैप, ऊर्जा भंडारण एकीकरण और दीर्घकालिक सतत विकास पर आधारित भविष्य-तैयार ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के प्रति मध्यप्रदेश की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Discussions underway with HCL Tech on Tier-2 technology hubs
दावोस दौरे के प्रथम दिन मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल और वैश्विक आईटी सेवा कंपनी एचसीएल टेक के बीच महत्वपूर्ण बैठक।
एचसीएल टेक के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट श्री अभय चतुर्वेदी से टियर-2 टेक्नोलॉजी हब के रूप में मध्यप्रदेश में विस्तार की संभावनाओं पर संवाद हुआ।
प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश में टियर-2 टेक हब के रूप में उपलब्ध अवसरों की जानकारी साझा की।
एचसीएल टेक द्वारा पारंपरिक आईटी केंद्रों से आगे बढ़कर टियर-2 शहरों में संचालन विस्तार के अवसरों का आंकलन किए जाने की जानकारी दी गई।
एचसीएल टेक के अनुसार मध्यप्रदेश को एक उभरते और संभावनाओं से परिपूर्ण टेक्नोलॉजी डेस्टिनेशन के रूप में देखा जा रहा है।
चर्चा में एचसीएल टेक की प्रमुख आवश्यकताओं पर विचार, जिनमें कुशल मानव संसाधन, विश्वसनीय विद्युत अधोसंरचना और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कनेक्टिविटी शामिल है।
मध्यप्रदेश शासन द्वारा इन सभी मानकों पर राज्य की सुदृढ़ स्थिति को रेखांकित किया गया।
राज्य की स्थिति को सुदृढ़ नीतिगत ढांचे और निरंतर सुदृढ़ होती अधोसंरचना का समर्थन प्राप्त।
बैठक में मध्यप्रदेश शासन की विशेष ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी की जानकारी दी गई।
प्रतिस्पर्धी लागत लाभ और रेडी-टू-मूव-इन ऑफिस स्पेस की उपलब्धता को प्रमुख आकर्षण के रूप में प्रस्तुत किया गया।
म.प्र. में उद्योग स्थापित करने पर लीज रेंट में प्रोत्साहन, कौशल विकास एवं रोजगार सृजन से जुड़े प्रावधानों की जानकारी साझा की गई।
सिंगल विंडो क्लियरेंस और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला गया।
राज्य में आईआईटी, एनआईटी और आईआईएसईआर जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों की मौजूदगी को प्रमुख ताकत बताया गया।
बेहतर होती जीवन गुणवत्ता को टेक्नोलॉजी निवेश के लिए एक अतिरिक्त आकर्षण के रूप में रेखांकित किया गया।
एचसीएल टेक ने मध्यप्रदेश में भविष्य के टेक्नोलॉजी सेंटर्स और ऑफशोर डेवलपमेंट सेंटर्स की संभावनाओं में रुचि व्यक्त की।
प्रवासी समुदाय से जुड़ाव के माध्यम से संयुक्त आउटरीच गतिविधियों पर चर्चा।
मध्यप्रदेश से जुड़े वैश्विक तकनीकी पेशेवरों तक पहुंच बनाने के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ।
आगामी चरण में संभावित विस्तार के लिए रणनीतिक रोड मैप तैयार करने पर सहमति बनी।
सहयोगात्मक आउटरीच पहलों पर आगे चर्चा किए जाने का निर्णय हुआ।
यह संवाद अगली पीढ़ी के टेक्नोलॉजी निवेश और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के लिए मध्यप्रदेश को पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Madhya Pradesh-Israel dialogue on technology and innovation cooperation
वर्ल्ड इकोनामिक फोरम–2026 के दौरान दावोस स्थित मध्यप्रदेश स्टेट लाउंज में मध्यप्रदेश शासन और इज़राइल इनोवेशन अथॉरिटी (IIA) के बीच अहम बैठक हुई।
बैठक में इज़राइल इनोवेशन अथॉरिटी के चेयरमैन डॉ. एलन स्टोपेल और औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन के प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र सिंह के बीच विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक का उद्देश्य तकनीक-आधारित आर्थिक विकास को गति देना और नवाचार सहयोग की संभावनाओं का विस्तार।
डॉ. स्टोपेल द्वारा इज़राइल के नवाचार-आधारित विकास मॉडल की जानकारी साझा की गई।
क्वांटम तकनीक, एडटेक, रक्षा प्रौद्योगिकी और जल समाधान जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में इज़राइल की क्षमताओं पर प्रस्तुति।
इज़राइल के मजबूत अनुसंधान एवं विकास (R&D) पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रकाश डाला गया।
निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी और सह-निवेश मॉडल को नवाचार का प्रमुख आधार बताया गया।
प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश में सिविल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सरकार से सरकार (G2G) सहयोग की राज्य की मंशा से अवगत कराया।
पायलट परियोजनाओं, स्टार्ट-अप आधारित नवाचार और तकनीक डेमॉन्स्ट्रेशन को बढ़ावा देने की योजना साझा।
भारत–इज़राइल के मौजूदा सहयोग ढाँचों के अंतर्गत संयुक्त पायलट प्रोजेक्ट्स और सह-निवेश तंत्र के माध्यम से निवेश व औद्योगिक साझेदारियों पर चर्चा की गई।
मध्यप्रदेश और इज़राइल के बीच प्रौद्योगिकी पायलट, नवाचार साझेदारी और संस्थागत संपर्क सुदृढ़ करने पर सहमति बनी।
दोनों पक्षों द्वारा औपचारिक सहयोग ढाँचा विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य करने का निर्णय हुआ।
आगे की कार्य योजना के तहत प्राथमिक क्षेत्रों की पहचान पर सहमति।
पायलट परियोजनाओं के अवसरों और उपयुक्त संस्थागत तंत्र विकसित करने के लिए निरंतर संवाद बनाए रखने का निर्णय।
भारत–इज़राइल नवाचार सहयोग को नई दिशा देने और मध्यप्रदेश को प्रमुख भागीदार के रूप में स्थापित करने पर सहमति।
यह संवाद वैश्विक नवाचार साझेदारियों के माध्यम से औद्योगिक विकास, निवेश प्रोत्साहन और तकनीक आधारित सतत प्रगति के प्रति मध्यप्रदेश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Madhya Pradesh Touch Lab Dialogue on AI and Emerging Technologies
वर्ल्ड इकोनामिक फोरम–2026 में मध्यप्रदेश शासन और एआई आधारित कंपनी टच लैब (TouchLab) के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा।
टच लैब कंपनी के सलाहकार श्री हर्वे कौराये के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं उभरती डिजिटल तकनीकों पर संवाद किया गया।
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन के प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने राज्य की तकनीकी क्षमताओं, नीतिगत समर्थन और व्यावहारिक साझेदारी मॉडल प्रस्तुत किए।
टच लैब द्वारा एआई आधारित उन्नत तकनीकी समाधानों में अपने वैश्विक अनुभव साझा किए गए।
कंपनी की उपस्थिति यूनाइटेड किंगडम, टोक्यो और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित प्रमुख वैश्विक बाजारों में होने की जानकारी दी गई।
टच लैब द्वारा आगामी वैश्विक एआई समिट में भागीदारी की जानकारी साझा की गई।
प्रमुख सचिव श्री सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश एआई एवं उभरती तकनीकों में चरणबद्ध और यथार्थवादी दृष्टिकोण अपनाकर आगे बढ़ रहा है।
राज्य की किफायती और विश्वसनीय विद्युत अधोसंरचना को डेटा सेंटर एवं कंप्यूट-इंटेंसिव संचालन के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
नाट्रैक्स (NATRAX) को राज्य की विशिष्ट तकनीकी परिसंपत्ति के रूप में प्रस्तुत किया गया।
देश के सबसे बड़े ऑटोमोटिव टेस्टिंग एवं वैलिडेशन ट्रैक के रूप में नाट्रैक्स से एडवांस्ड मोबिलिटी, एआई आधारित परीक्षण और नेक्स्ट-जेन टेक एप्लिकेशंस के अवसर उपलब्ध।
बैठक में शिक्षा और अनुसंधान आधारित सहयोग पर भी चर्चा हुई।
एसएमई की भागीदारी और एप्लाइड इनोवेशन को सशक्त करने पर विशेष जोर।
मध्यप्रदेश के स्टार्ट-अप इको सिस्टम की जानकारी साझा की गई।
राज्य में 6,000 से अधिक पंजीकृत स्टार्ट-अप्स सक्रिय, जो पायलट प्रोजेक्ट, परीक्षण और सह-विकास के लिए सहयोगी वातावरण प्रदान करते हैं।
टच लैब द्वारा सायबर सुरक्षा और ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्रों में तकनीक के संभावित उपयोग में रुचि व्यक्त।
यह रुचि राज्य की एवीजीसी एनिमेशन वीएफएक्स, गेमिंग एवं कामिक्स और डिजिटल इनोवेशन से जुड़ी नीतियों के अनुरूप।
दोनों पक्षों के बीच एआई केंद्रित पायलट परियोजनाओं, इको सिस्टम पार्टनरशिप और तकनीक आधारित पहलों पर संवाद जारी रखने पर सहमति।
यह संवाद दावोस में मध्यप्रदेश की उस रणनीति को दर्शाता है, जिसके तहत राज्य वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ व्यावहारिक संवाद के माध्यम से एआई और डीपटेक क्षेत्रों में सहयोग व निवेश के अवसर तलाश रहा है ।
Madhya Pradesh dialogue on green energy investment
वर्ल्ड इकोनामिक फोरम–2026 के दौरान दावोस में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला द्वारा हरित ऊर्जा निवेश पर महत्वपूर्ण बैठकें हुई।
मंत्री श्री शुक्ला ने मध्यप्रदेश के नवकरणीय ऊर्जा रोड मैप, हालिया परियोजना विकास और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली राज्य सरकार की नीतियों की जानकारी साझा की।
प्रदेश की निविदा एवं खरीद प्रक्रियाओं को विदेशी डेवलपर्स की भागीदारी के लिए अनुकूल बताया गया।
ग्रीन एनर्जी-3000 जैसी वैश्विक कंपनियों के लिए मध्यप्रदेश में व्यापक निवेश अवसर उपलब्ध होने पर बल।
Meeting with Green Energy-3000
दावोस स्थित मध्यप्रदेश स्टेट लाउंज में जर्मनी स्थित ग्रीन एनर्जी-3000 प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एलएलसी के साथ बैठक हुई।
बैठक में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर्स श्री फेलिक्स रेंकर और श्री एंड्रियास रेंकर की उपस्थिति उल्लेखनीय है।
नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश एवं सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
कंपनी प्रतिनिधियों द्वारा मध्यप्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में रुचि व्यक्त की गई।
ग्रीन एनर्जी-3000 ने स्वयं को एकीकृत नवकरणीय ऊर्जा डेवलपर के रूप में प्रस्तुत किया।
कंपनी की ईपीसी, परियोजना वित्तपोषण और इक्विटी निवेश क्षमताओं की जानकारी साझा।
यूरोप, मध्य पूर्व और भारत में संचालित वैश्विक परियोजनाओं एवं अनुभवों से अवगत कराया गया।
Future action plan – Green Energy-3000
अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव द्वारा मध्यप्रदेश में हाल ही में संपन्न निविदाओं का विवरण साझा किया गया।
भविष्य की निविदाओं में कंपनी की संभावित भागीदारी के अवसरों पर चर्चा हुई।
परियोजना संरचनाओं और बोली प्रक्रियाओं को लेकर तकनीकी संवाद आगे बढ़ाने पर सहमति।
यह बैठक स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश को गति देने की दिशा में राज्य के प्रयासों को दर्शाती है।
Discussions on water-energy projects with Peace Invest
मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने जिनेवा स्थित पीस इन्वेस्ट के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर श्री यूसुफ मर्चेंट से मुलाकात की।
बैठक में जल एवं ऊर्जा क्षेत्र में सतत विकास आधारित निवेश पर विस्तार से चर्चा हुई।
पीस इन्वेस्ट द्वारा ग्लोबल साउथ में प्रभावकारी निवेश के माध्यम से मानव-केंद्रित विकास को बढ़ावा देने की जानकारी।
मंत्री श्री शुक्ला ने मध्यप्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा उपलब्धियों और जल–ऊर्जा आधारित परियोजनाओं के निवेश अवसरों को प्रस्तुत किया।
को-इन्वेस्टमेंट मॉडल के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा और जल प्रबंधन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार।
बैठक में प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेंद्र कुमार सिंह एवं आयुक्त जनसम्पर्क श्री दीपक सक्सेना भी उपस्थित रहे।
अधिकारियों द्वारा राज्य की नीतिगत व्यवस्था, निवेश-अनुकूल वातावरण और भविष्य की परियोजनाओं की जानकारी साझा की गई।
दोनों पक्षों के बीच जल एवं ऊर्जा क्षेत्र में सतत और प्रभाव-आधारित परियोजनाओं पर संवाद जारी रखने पर सहमति बनी।
Interacting with global investors in Davos – Madhya Pradesh's investment opportunities
वर्ल्ड इकोनामिक फोरम–2026 दावोस में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने विभिन्न वैश्विक व राष्ट्रीय प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधियों से मीटिंग कर म.प्र. में संभावनाओं पर चर्चा की।
बैठकों में नवकरणीय ऊर्जा, विनिर्माण, पर्यटन, मीडिया, आईटी और औद्योगिक सहयोग से जुड़े निवेश अवसरों पर व्यापक चर्चा की।
जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (JBIC)
JBIC के प्रतिनिधि निदेशक एवं कार्यकारी प्रबंध निदेशक श्री हाशियामा शिगेटो के साथ मध्यप्रदेश में JBIC समर्थित परियोजनाओं पर चर्चा हुई।
विनिर्माण क्षेत्र की नीतियों, येन ऋण, सहयोगात्मक टाई-अप और सौर एवं नवकरणीय ऊर्जा में निवेश संभावनाओं पर विचार।
मंत्री श्री शुक्ला ने प्रदेश की कृषि क्षमता, भूमि उपलब्धता और प्राकृतिक संसाधनों की जानकारी दी।
नवकरणीय ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्यूटिकल, रसायन एवं वस्त्र उद्योग में व्यापक निवेश के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई।
Reliance Industries Limited
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अधिकारियों के साथ नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मौजूदा एवं संभावित साझेदारियों पर चर्चा।
चंबल अंचल में बॉयो-एनर्जी परियोजनाओं को लेकर गहन मंथन।
Jio Star
जियो स्टार के अधिकारियों के साथ पर्यटन ब्रांडिंग को लेकर बैठक।
मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों की वीडियो और ऑडियो डॉक्यूमेंटेशन के माध्यम से वैश्विक प्रचार पर चर्चा।
नेशनल जियोग्राफिक जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों के जरिए प्रदेश की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने पर सहमति।
Bloomberg Media
ब्लूमबर्ग मीडिया की प्रबंध निदेशक सुश्री सुनीता राजन के साथ बैठक हुई।
मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार एवं नीति जगत के प्रमुख हितधारकों से जोड़ने पर चर्चा हुई।
अक्टूबर में भारत में प्रस्तावित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में मध्यप्रदेश के प्रतिनिधित्व की संभावनाओं पर विचार।
भारतीय नवकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (IREDA)
IREDA के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री प्रदीप कुमार दास के साथ नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा।
सौर, पवन, बॉयो-एनर्जी सहित अन्य नवकरणीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन एवं वित्तीय सहयोग पर मंथन।
प्रदेश में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में IREDA की भूमिका पर चर्चा।
IREDA को मध्यप्रदेश की अनुकूल नीतियों, पर्याप्त भूमि उपलब्धता और निवेश-अनुकूल वातावरण से अवगत कराया गया।
नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और निवेश को और मजबूत करने पर सहमति।
Tech Mahindra
टेक महिंद्रा के अध्यक्ष श्री हर्षुल असनानी के साथ प्रदेश में कंपनी की संभावित एंट्री एवं विस्तार पर चर्चा हुई।
टियर-2 शहरों में आईटी एवं बीपीओ क्षेत्र के विस्तार पर विशेष फोकस रहा।
शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संस्थानों के साथ समन्वय के माध्यम से कौशल विकास और रोजगार सृजन पर चर्चा।
प्रदेश की सुदृढ़ आधारभूत संरचना, बेहतर जीवन गुणवत्ता और कुशल श्रम शक्ति को प्रमुख निवेश आकर्षण बताया गया।
मध्यप्रदेश को आईटी एवं डिजिटल सेवाओं में तेजी से उभरता राज्य बताया गया।
मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश अनुकूल नीतियों, स्थिर प्रशासन और संसाधनों की प्रचुरता के कारण तेजी से उभरता निवेश डेस्टिनेशन बन रहा है।
ऐसे संवाद प्रदेश के सतत विकास, हरित ऊर्जा लक्ष्यों और रोजगार सृजन को नई गति देंगे।
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